🏥 यूपी के शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी: कैशलेस इलाज योजना को कैबिनेट की मंजूरी, 2 लाख लोगों को मिलेगा लाभ
उत्तर प्रदेश में शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इस फैसले के बाद प्रदेश के करीब 2 लाख शिक्षक और कर्मचारी तथा उनके आश्रितों को सरकारी और संबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।
📊 कितने लोगों को मिलेगा फायदा
सरकार के इस फैसले से:
- लगभग 1.30 लाख शिक्षक
- करीब 70 हजार शिक्षणेत्तर कर्मचारी
यानी कुल मिलाकर करीब 2 लाख लाभार्थियों को योजना का फायदा मिलेगा।
इसके साथ ही इनके आश्रित परिवार के सदस्य भी इस सुविधा के दायरे में आएंगे।
🏛️ कैबिनेट ने दी मंजूरी
मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि योजना के तहत निम्न संस्थानों के शिक्षक लाभान्वित होंगे:
- अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) महाविद्यालयों के शिक्षक
- स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षक
- स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षक
- राज्य विश्वविद्यालयों के नियमित और स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षक
मुख्यमंत्री के निर्देश पर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।
💰 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज
इस योजना के तहत:
- शिक्षक और कर्मचारी
- उनके आश्रित परिवार सदस्य
सरकारी और संबद्ध निजी अस्पतालों में प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।
💳 कितना होगा प्रीमियम
योजना के संचालन के लिए:
- प्रति शिक्षक/कर्मचारी ₹2479.70 का प्रीमियम तय किया गया है।
- इस पर सरकार को लगभग 50 करोड़ रुपये सालाना खर्च करना होगा।
योजना का संचालन राज्य समग्र स्वास्थ्य एवं एकीकृत सेवा एजेंसी (SACHIS) के माध्यम से किया जाएगा।
📅 हर साल देना होगा डेटा
इस योजना के सुचारू संचालन के लिए:
- उच्च शिक्षा विभाग हर वर्ष 30 जून तक लाभार्थियों और उनके आश्रितों का विवरण साचीज को उपलब्ध कराएगा।
📢 बेसिक और माध्यमिक शिक्षकों को भी मिलेगा लाभ
गौरतलब है कि इससे पहले सरकार बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 15 लाख से अधिक शिक्षक, कर्मचारी और उनके आश्रितों को भी इस योजना में शामिल करने का निर्णय ले चुकी है।
यदि यह योजना पूरी तरह लागू होती है तो प्रदेश के लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा का बड़ा लाभ मिलेगा।
🧑🏫 शिक्षकों के लिए बड़ी राहत
शिक्षक संगठनों के अनुसार यह फैसला लंबे समय से लंबित था। कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने से:
- गंभीर बीमारी में आर्थिक बोझ कम होगा
- निजी अस्पतालों में इलाज आसान होगा
- शिक्षकों और कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी
✍️ (सरकारी कलम | www.sarkarikalam.com)
