UP Government New Rule: अब कर्मचारियों को बताना होगा शेयर और निवेश का ब्योरा, हर साल देनी होगी संपत्ति की जानकारी

💼 यूपी सरकार का बड़ा फैसला: अब कर्मचारियों को बताना होगा शेयर-निवेश और संपत्ति का पूरा ब्योरा

उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण नियम लागू कर दिया है। योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली, 1956 में संशोधन को मंजूरी दे दी गई है।

अब राज्य कर्मचारियों को शेयर, स्टॉक या अन्य निवेश में बड़ी राशि लगाने पर इसकी जानकारी अपने सक्षम प्राधिकारी को देना अनिवार्य होगा।


📊 कब देनी होगी निवेश की जानकारी

नई व्यवस्था के अनुसार:

  • यदि कोई कर्मचारी एक कैलेंडर वर्ष में अपने छह महीने के मूल वेतन से अधिक राशि
    • स्टॉक
    • शेयर
    • म्यूचुअल फंड
    • या अन्य निवेश माध्यमों में लगाता है

तो उसे इसकी सूचना संबंधित प्राधिकारी को देना अनिवार्य होगा

यह नियम पहले आचरण नियमावली में स्पष्ट रूप से शामिल नहीं था।

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🏛️ कैबिनेट बैठक में 30 प्रस्ताव मंजूर

कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी देते हुए सुरेश कुमार खन्ना (वित्त मंत्री, उत्तर प्रदेश) ने बताया कि:

  • बैठक में कुल 31 प्रस्ताव आए थे
  • इनमें से 30 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई
  • परिवहन विभाग का एक प्रस्ताव अभी स्वीकृत नहीं किया गया

💰 चल संपत्ति के लेन-देन का नियम भी बदला

सरकार ने चल संपत्ति (Movable Property) के लेन-देन के नियम में भी बदलाव किया है।

पहले क्या नियम था

  • यदि कर्मचारी एक महीने के मूल वेतन से अधिक की चल संपत्ति खरीदते थे तो सूचना देनी होती थी।

अब नया नियम

  • अब दो महीने के मूल वेतन से अधिक मूल्य की चल संपत्ति के लेन-देन पर सूचना देना अनिवार्य होगा।

🏠 हर साल देना होगा अचल संपत्ति का विवरण

सरकार ने अचल संपत्ति (Immovable Property) से जुड़े नियम को भी सख्त कर दिया है।

पहले

  • कर्मचारियों को हर पांच साल में संपत्ति का विवरण देना होता था।

अब

  • प्रथम नियुक्ति के समय
  • और उसके बाद हर वर्ष

सभी कर्मचारियों को अपनी अचल संपत्ति का विवरण देना अनिवार्य होगा।


📑 किन-किन संपत्तियों की देनी होगी जानकारी

नए नियम के तहत कर्मचारियों को:

  • अपने नाम की संपत्ति
  • परिवार के सदस्यों के नाम की संपत्ति
  • खरीदी गई जमीन या मकान
  • दान में प्राप्त संपत्ति
  • पट्टे या रेहन पर रखी गई संपत्ति
  • शेयर, स्टॉक या अन्य निवेश

इन सभी का पूरा ब्योरा देना होगा।


⚖️ क्यों किया गया नियम में बदलाव

उत्तर प्रदेश सरकार ने यह संशोधन केंद्र सरकार की तर्ज पर किया है।

इसका उद्देश्य:

  • सरकारी कर्मचारियों की वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाना
  • अवैध संपत्ति पर निगरानी रखना
  • निवेश और संपत्ति की सही जानकारी उपलब्ध कराना

📢 कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण

इस फैसले के बाद:

  • सभी राज्य कर्मचारियों को निवेश और संपत्ति के रिकॉर्ड पर विशेष ध्यान रखना होगा
  • समय पर जानकारी न देने पर विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है

✍️ (सरकारी कलम | www.sarkarikalam.com)



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