📊 जनगणना 2027 की तैयारी तेज: दो चरणों में होगी गिनती, 22 मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण
देश में होने वाली अगली जनगणना की तैयारियां तेज हो गई हैं। भारत सरकार द्वारा जनगणना 2027 को दो चरणों में कराने की योजना बनाई गई है।
पहले चरण में मकानों की गणना और सूचीकरण किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना की जाएगी।
इसी को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
🏛️ डीएम ने अधिकारियों के साथ की बैठक
जनगणना की तैयारियों को लेकर मनीष कुमार वर्मा (जिलाधिकारी) ने संगम सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की।
बैठक में:
- जिला स्तरीय अधिकारी
- तहसीलदार (चार्ज अधिकारी)
- नगर निकाय अधिकारी
- नगर निगम और छावनी परिषद के अधिकारी
- राजस्व निरीक्षक और ऑपरेटर
को जनगणना से जुड़े कार्यों के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया।
डीएम ने सभी अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ जनगणना कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
🏠 22 मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि जनगणना का पहला चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का होगा।
पहला चरण
- अवधि: 22 मई से 20 जून 2027
- प्रक्रिया: प्रगणक (Enumerator) घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे
इस दौरान मकानों की संख्या, संरचना और अन्य जरूरी विवरण दर्ज किए जाएंगे।
💻 पोर्टल के माध्यम से होगा डेटा संग्रह
जनगणना की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए अधिकारियों को CMMS पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया।
इस पोर्टल के जरिए:
- मकान सूचीकरण
- गणना ब्लॉक तैयार करना
- डेटा अपलोड करना
जैसे कार्य किए जाएंगे।
📅 तय किए गए महत्वपूर्ण लक्ष्य
जिला प्रशासन ने जनगणना की तैयारियों के लिए कई समयसीमाएं तय की हैं।
- 25 मार्च तक फील्ड ट्रेनर का प्रशिक्षण पूरा करना
- 31 मार्च तक गणना ब्लॉक पोर्टल पर बनाना
- 30 अप्रैल तक प्रगणकों और सुपरवाइजरों की ट्रेनिंग पूरी करना
इसके अलावा अधिकारियों को जनगणना से संबंधित बैंक खाते खोलने के भी निर्देश दिए गए हैं।
📚 लगातार दिया जा रहा प्रशिक्षण
अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना कार्य के लिए लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
बताया गया कि संगम सभागार में बुधवार को भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, ताकि सभी अधिकारी और कर्मचारी प्रक्रिया को सही तरीके से समझ सकें।
📢 क्यों महत्वपूर्ण है जनगणना
जनगणना किसी भी देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है क्योंकि इससे:
- जनसंख्या का सही आंकड़ा मिलता है
- विकास योजनाएं बनाने में मदद मिलती है
- संसाधनों का सही वितरण किया जा सकता है
इसलिए प्रशासन चाहता है कि जनगणना का कार्य पूरी पारदर्शिता और सटीकता के साथ किया जाए।
✍️ (सरकारी कलम | www.sarkarikalam.com)
जनगणना 2027: 22 मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण, दो चरणों में होगी पूरी जनगणना
