⚖️ भर्ती परीक्षाओं पर इलाहाबाद हाई कोर्ट का अहम फैसला: RTI में बताए जा सकते हैं दूसरे अभ्यर्थियों के अंक, लेकिन कॉपी देना जरूरी नहीं
भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में Allahabad High Court ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा है कि सार्वजनिक भर्ती परीक्षाओं में प्राप्त अंक गोपनीय नहीं होते, इसलिए उन्हें Right to Information Act, 2005 (RTI) के तहत बताया जा सकता है।
हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि दूसरे अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) की फोटोकॉपी देना जरूरी नहीं है।
📌 क्या कहा हाई कोर्ट ने
न्यायमूर्ति Ajit Kumar और न्यायमूर्ति Swaroopam Chaturvedi की खंडपीठ ने कहा कि:
- भर्ती परीक्षाओं में प्राप्त अंक गोपनीय जानकारी नहीं हैं
- इन्हें तीसरे पक्ष की सहमति के बिना भी RTI के तहत बताया जा सकता है
- लेकिन यह तभी किया जाना चाहिए जब मामला सार्वजनिक हित से जुड़ा हो
साथ ही अदालत ने कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी देना अनिवार्य नहीं है।
📄 क्या था पूरा मामला
मामला वाराणसी स्थित Diesel Locomotive Works (DLW) से जुड़ा है।
संतोष कुमार नाम के एक आवेदक ने RTI के तहत आवेदन देकर:
- अपने अंक
- अन्य अभ्यर्थियों मनीष कुमार सिंह और गोरख शर्मा के अंक
- और उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी
मांगी थी।
वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी ने:
- प्रश्नपत्र की प्रति उपलब्ध कराई
- अंक भी बताए
- लेकिन उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी देने से इंकार कर दिया
हालांकि आवेदक को उत्तर पुस्तिका देखने की अनुमति दी गई थी।
🏛️ सूचना आयोग ने दिया था आदेश
इसके बाद आवेदक ने Central Information Commission में अपील की।
सूचना आयोग ने आदेश दिया कि प्लांट असिस्टेंट परीक्षा (30 जुलाई 2004) की उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी उपलब्ध कराई जाए।
इस आदेश के खिलाफ भारत सरकार और डीएलडब्ल्यू ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की।
⚖️ हाई कोर्ट का अंतिम फैसला
हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद कहा:
✔ अन्य उम्मीदवारों के अंक बताना संभव है
✔ लेकिन उत्तर पुस्तिकाओं की फोटो कॉपी देना जरूरी नहीं
✔ व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय गोपनीयता और सार्वजनिक हित दोनों का संतुलन जरूरी है
कोर्ट ने यह भी कहा कि आवेदक ने उत्तर पुस्तिकाओं में किसी अनियमितता का आरोप भी नहीं लगाया था, इसलिए फोटो कॉपी देने की आवश्यकता नहीं बनती।
📊 भर्ती परीक्षाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला
इस फैसले से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और गोपनीयता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।
इसका मतलब:
- उम्मीदवार दूसरे अभ्यर्थियों के अंक RTI से जान सकते हैं
- लेकिन उनकी उत्तर पुस्तिका की कॉपी मांगना अनिवार्य अधिकार नहीं है
यह निर्णय भविष्य में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कई मामलों में महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।
✍️ सरकारी कलम (Sarkari Kalam)
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