उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची का महाअभियान: 3.26 करोड़ को नोटिस, 2.80 करोड़ ने दिए दस्तावेज, 44,952 नाम कटे

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची का महाअभियान: 3.26 करोड़ को नोटिस, 2.80 करोड़ ने दिए दस्तावेज, 44,952 नाम कटे

🗳️ उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के उत्साहजनक नतीजे सामने आए हैं। इस अभियान के तहत करोड़ों मतदाताओं के नामों का सत्यापन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने अपने दस्तावेज जमा कराकर मतदाता सूची में अपना नाम सुरक्षित किया।

प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने लोकभवन में जानकारी देते हुए बताया कि इस व्यापक अभियान में रिकॉर्ड स्तर पर कार्य हुआ है और अधिकांश मामलों में सुनवाई भी पूरी कर ली गई है।


📊 3.26 करोड़ मतदाताओं को भेजे गए नोटिस

विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान राज्य में कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं के लिए नोटिस तैयार किए गए। इनमें से अब तक:

  • 3.06 करोड़ नोटिस मतदाताओं को वितरित किए जा चुके हैं।
  • 2.80 करोड़ मतदाताओं ने नोटिस के जवाब में आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए हैं।

➡️ इसका मतलब है कि इन मतदाताओं का नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल होना लगभग तय है।


👩‍🦰 नए मतदाताओं में महिलाओं की संख्या ज्यादा

नए मतदाता बनने के लिए भरे जाने वाले फॉर्म-6 के आंकड़ों में दिलचस्प रुझान देखने को मिला।

27 अक्टूबर 2025 से 6 मार्च 2026 तक:

  • कुल 86,69,073 आवेदन मिले
  • पुरुष: 43,06,364
  • महिलाएं: 43,62,323
  • तृतीय लिंग: 386

👉 खास बात यह है कि महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा आवेदन कर नए मतदाता बनने में बढ़त बनाई

18 से 29 वर्ष आयु वर्ग के 57,30,989 युवा भी मतदाता बनने के लिए आगे आए हैं, जो लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

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❌ 44,952 नाम मतदाता सूची से हटाए गए

पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कई कारणों से मतदाता सूची से नाम भी हटाए गए।

6 मार्च तक कुल 44,952 नाम हटाए गए, जिनमें शामिल हैं:

  • 27,118 नाम – स्थान परिवर्तन के कारण
  • 10,014 नाम – स्वयं मतदाताओं के आवेदन पर
  • 1,000 नाम – दूसरे स्थान पर शिफ्ट होने के कारण
  • 932 नाम – पहले से कहीं और दर्ज होने के कारण
  • 7,820 नाम – अन्य व्यक्तियों की शिकायत पर

इनमें बड़ी संख्या में मृत मतदाताओं के नाम भी शामिल थे।


📑 नाम काटने वाले फॉर्म-7 पर विपक्ष का विरोध

नाम हटाने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-7 को लेकर विपक्षी दलों ने काफी विरोध जताया था।

27 अक्टूबर से 6 मार्च तक कुल:

  • 3,18,140 फॉर्म-7 प्राप्त हुए
    • पुरुष: 1,86,362
    • महिलाएं: 1,31,766
    • तृतीय लिंग: 12

हालांकि राजनीतिक दलों की ओर से बहुत कम आवेदन आए।


🏛️ राजनीतिक दलों की भी भागीदारी

विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की ओर से:

  • 5,82,877 बूथ स्तरीय एजेंट (BLA) नियुक्त किए गए
  • राजनीतिक दलों ने मिलकर
    • 40,669 फॉर्म-6
    • 1,805 फॉर्म-7 जमा किए

📝 संशोधन के लिए भी लाखों आवेदन

मतदाता सूची में संशोधन के लिए फॉर्म-8 के माध्यम से भी बड़ी संख्या में आवेदन आए।

कुल 22,55,473 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें:

  • 1,56,313 – पता बदलने के लिए
  • 20,25,611 – प्रविष्टियों में सुधार
  • 71,536 – EPIC कार्ड प्रतिस्थापन
  • 2,013 – दिव्यांग मतदाताओं के चिह्नांकन के लिए

⏳ 27 मार्च तक जारी रहेगी सुनवाई

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार:

  • 93.8% नोटिसों का वितरण हो चुका है
  • 85.8% मतदाताओं की सुनवाई पूरी कर ली गई है

शेष मामलों की सुनवाई 27 मार्च 2026 तक पूरी की जाएगी।

मतदाताओं की सुविधा के लिए:

  • मतदान केंद्रों पर सुनवाई
  • बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की मदद
  • दस्तावेज अपलोड की डिजिटल व्यवस्था

भी उपलब्ध कराई गई है।


📌 यूपी में कुल मतदाता कितने हैं?

6 जनवरी 2026 को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची के अनुसार:

➡️ उत्तर प्रदेश में कुल मतदाता: 12,55,56,025


निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची का यह विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। करोड़ों मतदाताओं के दस्तावेज सत्यापन और लाखों नए मतदाताओं के जुड़ने से यह प्रक्रिया चुनाव प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

🗳️ लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है कि हर पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम सुनिश्चित करे और मतदान अवश्य करे।

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