प्राथमिक विद्यालय में छात्र की लोहे की रॉड से पिटाई का आरोप, परिजनों ने की कार्रवाई की मांग
📚 उत्तर प्रदेश के एक प्राथमिक विद्यालय में छात्र की पिटाई का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि कक्षा पांच के एक छात्र को शिक्षिका ने लोहे की रॉड से बेरहमी से पीट दिया, जिससे उसके शरीर पर कई चोट के निशान बन गए।
पीड़ित छात्र के परिजनों ने मामले की शिकायत बीएसए और जिलाधिकारी से करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं विभागीय स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है।
👦 कक्षा पांच के छात्र को पीटने का आरोप
मामला तेजवापुर ब्लॉक के मटेरिया गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय का बताया जा रहा है।
गांव निवासी संजय गुप्त का बेटा रमन गुप्त इसी विद्यालय में कक्षा पांच का छात्र है।
परिजनों के अनुसार:
- शिक्षिका ने छात्र को लोहे की रॉड से जमकर पीटा
- छात्र के पूरे शरीर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं
- पिटाई के बाद छात्र मानसिक और शारीरिक रूप से आहत है
परिजनों ने आरोप लगाया कि स्कूल में पढ़ने वाले अन्य बच्चों के साथ भी शिक्षिका का व्यवहार ठीक नहीं रहता।
💉 टीका लगाकर आने वाले बच्चों को भी प्रताड़ित करने का आरोप
छात्र के स्वजन का आरोप है कि विद्यालय में टीका लगवाकर आने वाले बच्चों से भी शिक्षिका नाराज रहती हैं और उन्हें प्रताड़ित किया जाता है।
परिजनों का कहना है कि इस तरह का व्यवहार बच्चों की पढ़ाई और मानसिक स्थिति पर गंभीर असर डाल सकता है।
📩 बीएसए और डीएम को भेजी गई शिकायत
पीड़ित छात्र के परिवार ने मामले को गंभीर बताते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और जिलाधिकारी (DM) को लिखित शिकायत भेजी है।
परिजनों की मांग है कि:
➡️ आरोपित शिक्षिका के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाए
➡️ स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
🔍 जांच के लिए भेजे गए संकुल प्रभारी
मामले को लेकर बीईओ तेजवापुर रंजीत कुमार ने बताया कि घटना की जांच के लिए संकुल प्रभारी को मौके पर भेजा गया है।
उन्होंने कहा:
“विद्यालय में छात्र को पीटने का मामला सामने आया है। जांच के लिए संकुल प्रभारी को भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। पिटाई करने का अधिकार किसी को नहीं है।”
🤝 मामले को दबाने और सुलह कराने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारी मामले को दबाने की कोशिश में जुटे रहे।
बताया जा रहा है कि:
- पीड़ित परिवार को मनाने के लिए कई शिक्षक और अधिकारी देर शाम तक जुटे रहे
- इसके बाद सुलह कराने की कोशिश की गई
इस पर भी सवाल उठ रहे हैं कि इतने गंभीर मामले में विभागीय कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
❓ कई सवाल खड़े कर रहा मामला
घटना के बाद कई अहम सवाल भी उठ रहे हैं:
- जब बच्चे झगड़ रहे थे तो अन्य शिक्षक कहां थे?
- क्या छात्र को लोहे की रॉड से मारना उचित कार्रवाई हो सकती है?
- गंभीर आरोपों के बावजूद सिर्फ सुलह क्यों कराई गई?
🗣️ शिक्षिका का बयान
आरोपित शिक्षिका आयशा खातून से जब इस मामले में जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों में सुलह हो गई है।
हालांकि उनके इस बयान से यह भी संकेत मिला कि उन्हें विश्वास है कि इस मामले में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं होगी।
✅ निष्कर्ष
प्राथमिक विद्यालय में छात्र की कथित पिटाई का यह मामला शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। बच्चों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर स्कूलों में सख्त व्यवस्था होना जरूरी है।
अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
