यूपी में बिना नोटिस नहीं कटेगा किसी मतदाता का नाम, 10 अप्रैल को जारी होगी अंतिम वोटर लिस्ट
🗳️ उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बड़ा स्पष्टिकरण दिया है। उन्होंने कहा कि 6 जनवरी को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची से किसी भी मतदाता का नाम बिना नोटिस और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) के कारणयुक्त आदेश के बिना नहीं हटाया जाएगा।
इससे लाखों मतदाताओं के बीच चल रही आशंकाओं को काफी हद तक दूर करने की कोशिश की गई है।
📊 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस, 2.80 करोड़ को मिली राहत
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार:
- 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने हैं
- इनमें से 3.06 करोड़ नोटिस वितरित किए जा चुके हैं
- 2.80 करोड़ लोगों की सुनवाई पूरी हो चुकी है
➡️ इन सभी मतदाताओं को मतदाता सूची में बने रहने की अनुमति दे दी गई है।
बाकी मामलों की सुनवाई 27 मार्च 2026 तक पूरी की जाएगी।
📅 10 अप्रैल को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
वर्तमान में प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची में 12.55 करोड़ मतदाताओं के नाम दर्ज हैं।
नोटिसों पर सुनवाई पूरी होने के बाद:
➡️ 10 अप्रैल 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
⚠️ 1.04 करोड़ नाम 2003 की सूची से नहीं मिल रहे
सीईओ के अनुसार जांच के दौरान कुछ बड़ी विसंगतियां भी सामने आई हैं।
- 1.04 करोड़ मतदाताओं के नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मेल नहीं खा रहे
- 2.22 करोड़ मामलों में तार्किक विसंगतियां पाई गई हैं
इन मामलों की सुनवाई और सत्यापन की प्रक्रिया जारी है।
🏢 5,621 स्थानों पर सुनवाई की व्यवस्था
मतदाताओं को सुविधा देने के लिए प्रदेश में 5,621 स्थानों पर सुनवाई केंद्र बनाए गए हैं।
- नो-मैपिंग मामलों में लोगों को उनके घर के पास ही सुनवाई की सुविधा दी गई है
- यदि मतदाता खुद नहीं आ सकता, तो परिवार का सदस्य या रिश्तेदार भी दस्तावेज लेकर उपस्थित हो सकता है
📱 बीएलओ घर-घर जाकर कर रहे जांच
तार्किक विसंगति वाले मामलों में:
- बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं
- BLO ऐप के माध्यम से दस्तावेज और जानकारी अपलोड की जा रही है
इससे प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है।
👩🦰 नए मतदाताओं में महिलाओं की बढ़त
27 अक्टूबर से 6 मार्च तक:
- 86.69 लाख लोगों ने मतदाता बनने के लिए फॉर्म-6 भरे
इनमें:
- 43.62 लाख महिलाएं
- 43.06 लाख पुरुष
- 386 ट्रांसजेंडर
इसके अलावा 4540 प्रवासी भारतीयों ने भी फॉर्म-6A भरकर मतदाता बनने के लिए आवेदन किया है।
❌ अब तक 44,952 नाम मतदाता सूची से हटे
मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए अब तक 3.18 लाख फॉर्म-7 भरे जा चुके हैं।
इनमें से 44,952 नाम हटाए गए, जिनमें:
- 10,014 नाम – एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरण के कारण
- 7,820 नाम – अन्य व्यक्तियों की शिकायत पर
✅ निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में चल रही मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया देश की सबसे बड़ी चुनावी सत्यापन प्रक्रिया में से एक मानी जा रही है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने साफ किया है कि बिना नोटिस और उचित आदेश के किसी भी मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा, जिससे मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रहेंगे।
अब सभी की नजरें 27 मार्च तक पूरी होने वाली सुनवाई और 10 अप्रैल को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची पर टिकी हैं।
