परिषदीय विद्यालयों में बढ़ेगा NCERT का दायरा: अब कक्षा 4 में भी नई किताबों से होगी पढ़ाई 📚🏫
लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। अब इन स्कूलों में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की पुस्तकों का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
अभी तक परिषदीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 3 तक एनसीईआरटी के आधार पर तैयार पुस्तकों से पढ़ाई कराई जा रही थी, लेकिन अप्रैल से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से कक्षा 4 में भी एनसीईआरटी आधारित पुस्तकों से पढ़ाई शुरू होगी।
📖 राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार की गई हैं किताबें
नई किताबों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप तैयार किया गया है। इन पुस्तकों में बच्चों की समझ को ध्यान में रखते हुए:
- सरल भाषा का प्रयोग
- आकर्षक चित्रों का उपयोग
- गतिविधि आधारित शिक्षण
- व्यवहारिक उदाहरण
को शामिल किया गया है, ताकि बच्चों की अवधारणात्मक समझ (Conceptual Understanding) मजबूत हो सके।
🏫 SCERT ने तैयार की नई किताबें
प्रदेश में इन पुस्तकों को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) द्वारा तैयार किया गया है।
अप्रैल में जब नया शैक्षणिक सत्र शुरू होगा, तब कक्षा 4 के विद्यार्थियों को ये पुस्तकें निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
📚 आगे और कक्षाओं में भी लागू होगी योजना
शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार आने वाले समय में इस व्यवस्था का विस्तार और किया जाएगा।
योजना के अनुसार:
- अगले वर्ष कक्षा 5 और 6 में भी एनसीईआरटी आधारित किताबें लागू की जाएंगी।
इससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री मिल सकेगी।
🧠 बच्चों में विकसित होगी तार्किक सोच और रचनात्मकता
नई पुस्तकों का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं बल्कि बच्चों के समग्र विकास पर भी ध्यान देना है।
इन किताबों के माध्यम से बच्चों में:
- तार्किक सोच (Logical Thinking)
- रचनात्मकता (Creativity)
- व्यावहारिक ज्ञान (Practical Knowledge)
को विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
🗣️ क्या बोले SCERT के निदेशक
SCERT के निदेशक गणेश कुमार के अनुसार,
परिषदीय विद्यालयों में धीरे-धीरे एनसीईआरटी की पुस्तकों को लागू किया जा रहा है। इससे इन स्कूलों के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं और आगे की पढ़ाई के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।
📊 परिषदीय विद्यालयों के छात्रों को मिलेगा बड़ा फायदा
इस नई व्यवस्था से लाखों बच्चों को फायदा मिलेगा।
✔ बेहतर गुणवत्ता की पढ़ाई
✔ राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम से तालमेल
✔ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मजबूत आधार
✔ गतिविधि आधारित सीखने का अवसर
✍️ सरकारी कलम की राय:
प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को लागू करना शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे सरकारी स्कूलों के छात्रों को भी वही शैक्षिक स्तर मिलेगा जो देश के अन्य प्रमुख विद्यालयों में उपलब्ध है।
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