📚 16 मार्च से शुरू होंगी परिषदीय स्कूलों की वार्षिक परीक्षाएं, 2800 से अधिक विद्यालयों के छात्र होंगे शामिल
बहराइच जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले लाखों छात्र-छात्राओं की वार्षिक परीक्षाएं 16 मार्च से शुरू होकर 20 मार्च तक चलेंगी। परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश की ओर से प्रश्नपत्र तैयार कराने से लेकर उन्हें सुरक्षित तरीके से विद्यालयों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि परीक्षा पूरी पारदर्शिता और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराई जा सके।
🏫 2803 विद्यालयों के छात्र देंगे परीक्षा
जिले के कुल 2803 परिषदीय विद्यालयों के कक्षा 1 से 8 तक के छात्र-छात्राएं इस परीक्षा में शामिल होंगे।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि प्रश्नपत्रों की तैयारी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) पयागपुर में कराई जाएगी।
इसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रश्नपत्रों को ब्लॉक संसाधन केंद्रों तक भेजा जाएगा और वहां से संबंधित विद्यालयों को वितरित किया जाएगा।
📝 कक्षा 5 और 8 की परीक्षा होगी बोर्ड पैटर्न पर
बीएसए ने बताया कि कक्षा पांच और कक्षा आठ की परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर आयोजित की जाएंगी, इसलिए इन परीक्षाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी या नकल को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से कड़े इंतजाम किए गए हैं।
🚨 नकल रोकने के लिए उड़नदस्ता टीमें
नकल रोकने के लिए ब्लॉक स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारियों के नेतृत्व में सचल उड़नदस्ता दल गठित किए गए हैं।
ये टीमें परीक्षा के दौरान विभिन्न विद्यालयों में औचक निरीक्षण करेंगी और व्यवस्था का जायजा लेंगी।
⚠️ नकल पर होगी कड़ी कार्रवाई
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने साफ कहा है कि यदि परीक्षा के दौरान किसी छात्र को नकल करते हुए पाया गया या किसी विद्यालय में नकल कराई जाती मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ऐसी स्थिति में संबंधित छात्र के साथ-साथ विद्यालय के जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
📊 एक नजर में परीक्षा की तैयारी
- जिले के 2803 परिषदीय विद्यालयों में 16 से 20 मार्च तक वार्षिक परीक्षा
- प्रश्नपत्र डायट पयागपुर में तैयार किए जाएंगे
- सुरक्षा के साथ ब्लॉक संसाधन केंद्रों तक पहुंचाए जाएंगे
- कक्षा 5 और 8 की परीक्षा बोर्ड पैटर्न पर
- नकल रोकने के लिए उड़नदस्ता टीमें औचक निरीक्षण करेंगी
- गड़बड़ी मिलने पर छात्रों और शिक्षकों पर कार्रवाई
✍️ सरकारी कलम की नजर:
बेसिक शिक्षा विभाग का उद्देश्य इस बार वार्षिक परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता और शुचिता के साथ संपन्न कराना है, ताकि विद्यार्थियों का वास्तविक मूल्यांकन हो सके और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
