⚖️ शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण: डीवीआर बरामद, 23 लाख के लेनदेन के मिले सबूत
प्रदेश को झकझोर देने वाले शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। रविवार को हुई कार्रवाई में देवरिया की निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव के सरकारी आवास से वह डीवीआर बरामद कर लिया गया, जिसके गायब होने से साक्ष्य मिटाने की आशंका जताई जा रही थी।
📹 डीवीआर बरामदगी से जांच को नई दिशा
गुलरिहा पुलिस ने शनिवार को शालिनी श्रीवास्तव के सरकारी आवास पर दबिश दी।
घर पर मौजूद उनकी मां और नौकर से पूछताछ के बाद तलाशी में डीवीआर बरामद हुआ।
🔎 इससे पहले 20 फरवरी का सीसीटीवी फुटेज देवरिया जिला प्रशासन की जांच समिति से लिया जा चुका था, जिसमें:
- कृष्ण मोहन सिंह
- अपर्णा तिवारी
- ओंकार सिंह
के बीएसए कार्यालय पहुंचने की पुष्टि हुई थी।
अब बरामद डीवीआर से पूरी घटनाक्रम की कड़ियां जुड़ने की उम्मीद है।
💰 23 लाख रुपये के लेनदेन के साक्ष्य
अब तक की जांच में करीब 23 लाख रुपये के वित्तीय लेनदेन से जुड़े नए साक्ष्य सामने आए हैं।
यह खुलासा इस मामले को और गंभीर बना रहा है। पुलिस यह जांच कर रही है कि:
- यह लेनदेन किस प्रयोजन से हुआ?
- किन-किन लोगों की इसमें भूमिका रही?
- क्या इसका संबंध आत्महत्या से जुड़ा है?
🚨 फरार बीएसए और लिपिक की तलाश जारी
पुलिस निलंबित बीएसए और संबंधित लिपिक की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों से पूछताछ कर मामले का पूरा सच सामने लाया जाएगा।
🎓 शिक्षा जगत में आक्रोश
इस घटना ने पूरे शिक्षा विभाग को झकझोर दिया है। शिक्षक संगठनों में आक्रोश है और वे निष्पक्ष एवं त्वरित जांच की मांग कर रहे हैं।
“सरकारी कलम” की स्पष्ट राय है कि —
👉 यदि वित्तीय अनियमितता या मानसिक उत्पीड़न जैसी बातें सामने आती हैं, तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
👉 साथ ही निर्दोष लोगों को न्याय मिलना भी उतना ही जरूरी है।
✍️ निष्कर्ष
डीवीआर की बरामदगी और 23 लाख रुपये के लेनदेन के साक्ष्य इस प्रकरण में अहम मोड़ साबित हो सकते हैं। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और आगामी कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।
📢 सरकारी कलम इस मामले से जुड़े हर अपडेट को शिक्षकों और पाठकों तक निष्पक्ष रूप से पहुंचाता रहेगा।
