यह बहुत सराहनीय एवं स्वागतयोग्य पहल है कि बीएसए सुल्तानपुर द्वारा शिक्षक एवं छात्र हित को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट एवं सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। इस आदेश के माध्यम से विद्यालय परिसर की सुरक्षा, अनुशासन तथा शैक्षणिक वातावरण को प्राथमिकता दी गई है। बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के विद्यालय अवधि में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगाना एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और शिक्षकों को निर्बाध रूप से शिक्षण कार्य करने का अवसर मिलेगा।
वर्तमान समय में विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। कई बार अनावश्यक हस्तक्षेप या बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही से शिक्षण कार्य प्रभावित होता है तथा विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा उत्पन्न होती है। ऐसे में यह आदेश न केवल अनुशासन स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा, बल्कि शिक्षक एवं छात्र दोनों के हितों की रक्षा भी करेगा।
यह आदेश अन्य जनपदों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण है। यदि सभी जिलों में इसी प्रकार के स्पष्ट और कठोर निर्देश लागू किए जाएं, तो प्रदेश भर के विद्यालयों में सुरक्षा एवं शैक्षणिक गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।
सभी शिक्षक संगठनों एवं संघों को भी इस विषय पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए तथा अपने-अपने जिलों में इस प्रकार के आदेश जारी कराने हेतु पहल करनी चाहिए। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रशासन और शिक्षक संगठनों का समन्वय अत्यंत आवश्यक है।
अंततः कहा जा सकता है कि शिक्षक एवं छात्र हित सर्वोपरि हैं। इस दिशा में उठाया गया प्रत्येक ठोस कदम शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यालयों की गरिमा को मजबूत करता है। बीएसए सुल्तानपुर का यह आदेश निश्चित रूप से प्रशंसा योग्य है और पूरे प्रदेश में लागू किए जाने योग्य है।

