🏛️ PCS 2024 इंटरव्यू शुरू: ‘बुलडोजर जस्टिस’ से लेकर भारत-पाक मैच तक पूछे गए सवाल
प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की PCS 2024 मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के साक्षात्कार सोमवार से शुरू हो गए। पहले ही दिन इंटरव्यू बोर्ड ने अभ्यर्थियों से देश-दुनिया के समसामयिक घटनाक्रम, सरकारी नीतियों और सामाजिक मुद्दों पर तीखे व संतुलित प्रश्न पूछे।
सबसे ज्यादा चर्चा ‘बुलडोजर जस्टिस’ से जुड़े सवाल की रही, जिसके जरिए बोर्ड ने अभ्यर्थियों की संवैधानिक समझ और व्यक्तिगत दृष्टिकोण को परखने की कोशिश की।
📌 पहले दिन 120 अभ्यर्थी शामिल
- PCS 2024 में SDM, डिप्टी SP समेत 887 पदों के लिए इंटरव्यू प्रक्रिया 20 मार्च तक चलेगी।
- कुल 2,719 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है।
- पहले दिन 120 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू हुआ।
करीब दो वर्ष बाद हो रहे इस बड़े साक्षात्कार में विषय ज्ञान, प्रशासनिक परिस्थिति, सरकारी योजनाएं और समसामयिक घटनाओं पर गहन प्रश्न पूछे गए।
🔎 इंटरव्यू में पूछे गए चर्चित सवाल
इंटरव्यू बोर्ड ने अभ्यर्थियों से कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर राय जानी:
- UGC के नए एक्ट पर आपकी क्या राय है?
- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर आपका दृष्टिकोण क्या है?
- भारत-अमेरिका संबंध और व्यापार करार को आप कैसे देखते हैं?
- वोट चोरी के आरोपों पर प्रशासन की भूमिका क्या होनी चाहिए?
🏏 खेल और कूटनीति पर भी सवाल
एक अभ्यर्थी से पूछा गया:
👉 “क्या आपने रविवार को भारत-पाकिस्तान मैच देखा?”
इसके बाद चर्चा बढ़ी:
- भारत बनाम पाकिस्तान क्रिकेट मैच का सामाजिक प्रभाव
- Indian Premier League (IPL) से जुड़े विवाद
- बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम में शामिल करने पर राय
- क्या पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना चाहिए?
यह स्पष्ट है कि बोर्ड अभ्यर्थियों की खेल-राजनीति और कूटनीति पर संतुलित सोच को परख रहा था।
🌍 अंतरराष्ट्रीय और पर्यावरणीय मुद्दे
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ा प्रश्न
- तिब्बत में बन रहे दुनिया के सबसे बड़े जलविद्युत बांध पर भारत की चिंता
- अरावली पहाड़ियों के संरक्षण पर राय
- सोशल मीडिया बैन और बच्चों के मोबाइल उपयोग का सामाजिक प्रभाव
🧑⚖️ प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल
हाल ही में अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में बयान देने के बाद बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे को लेकर भी सवाल पूछा गया —
👉 “क्या उनका इस्तीफा उचित था? यदि आप होते तो क्या करते?”
इसके अलावा चर्चित ‘नीले ड्रम’ प्रकरण पर भी एक महिला अभ्यर्थी से प्रश्न पूछा गया, जिससे अभ्यर्थियों की सामाजिक-मनोवैज्ञानिक समझ को परखा गया।
🤖 AI और टेक्नोलॉजी पर भी फोकस
कई अभ्यर्थियों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रशासनिक उपयोग, जोखिम और भविष्य की संभावनाओं पर प्रश्न किए गए।
यह दर्शाता है कि आयोग अब केवल पारंपरिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि तकनीकी और सामाजिक परिवर्तनों की समझ भी देख रहा है।
✍️ सरकारी कलम की टिप्पणी
PCS इंटरव्यू केवल ज्ञान की परीक्षा नहीं, बल्कि व्यक्तित्व, संतुलन और संवैधानिक सोच की कसौटी है।
‘बुलडोजर जस्टिस’ जैसे संवेदनशील मुद्दों से लेकर खेल-कूटनीति और AI तक, आयोग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भावी प्रशासक को हर विषय पर तार्किक, निष्पक्ष और संविधानसम्मत दृष्टिकोण रखना होगा।
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सरकारी कलम | निष्पक्ष, प्रामाणिक और शिक्षकों के पक्ष में ✍️
