🏥 बड़ी राहत: यूपी के शिक्षकों, शिक्षामित्रों व रसोइयों को मिलेगी कैशलेस इलाज सुविधा
निजी अस्पतालों में भी अब बिना पैसा दिए होगा इलाज
उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े लाखों शिक्षकों, शिक्षामित्रों और कर्मचारियों को एक ऐतिहासिक स्वास्थ्य सुविधा देने का फैसला किया है।
अब सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। 👏
यह निर्णय अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन – पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी आदेश में लिया गया है।
👩🏫👨🏫 किन-किन को मिलेगा इस योजना का लाभ?
इस कैशलेस चिकित्सा योजना के दायरे में होंगे 👇
✅ बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक
✅ अनुदानित व स्ववित्त पोषित विद्यालयों के शिक्षक
✅ शिक्षामित्र
✅ विशेष शिक्षक (CWSN)
✅ अनुदेशक
✅ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की वार्डेन
✅ पूर्णकालिक व अंशकालिक शिक्षक-शिक्षिकाएं
✅ प्रधानमंत्री पोषण योजना की रसोइया
✅ उपरोक्त सभी के आश्रित परिवार के सदस्य
👉 यानी यह योजना पूरे शिक्षा परिवार के लिए है, न कि केवल नियमित शिक्षकों के लिए।
💰 कितना होगा प्रीमियम? पैसा कौन देगा?
🔹 प्रति कार्मिक ₹3000 सालाना प्रीमियम अनुमानित
🔹 यह प्रीमियम सरकार द्वारा वहन किया जाएगा
🔹 केवल कार्यरत और पात्र कार्मिकों के लिए भुगतान होगा
👉 शिक्षकों की जेब से एक भी रुपया नहीं कटेगा ✅
🏥 कहां मिलेगा कैशलेस इलाज?
📌 राजकीय चिकित्सालयों में
📌 SACHIS (State Agency for Comprehensive Health & Integrated Services) से जुड़े निजी अस्पतालों में
इलाज की दरें होंगी 👇
✔️ प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना
✔️ राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA)
द्वारा तय मानकों के अनुसार
🗂️ डाटा देने की समयसीमा तय
🔸 सभी पात्र लाभार्थियों और उनके परिवार का पूरा विवरण
🔸 हर साल 30 जून तक
🔸 बेसिक शिक्षा विभाग के नामित नोडल अधिकारी द्वारा
🔸 SACHIS के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को भेजा जाएगा
ताकि
✔️ नए पात्र जोड़े जा सकें
✔️ अपात्र नाम हटाए जा सकें
⚠️ इन लोगों को नहीं मिलेगा लाभ
❌ जो पहले से किसी अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजना में शामिल हैं, जैसे—
▪️ प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना
▪️ मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान
👉 उन्हें इस योजना का दोहरा लाभ नहीं मिलेगा
🏫 वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों के लिए अलग आदेश
सरकार ने माना है कि
📌 वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों का कोई प्रमाणिक डाटा उपलब्ध नहीं है
➡️ इसलिए इनके चिन्हांकन के लिए अलग से कार्यकारी आदेश जारी किया जाएगा
👉 यह एक सकारात्मक संकेत है ✨
🗣️ सरकारी कलम की टिप्पणी
शिक्षक समाज वर्षों से स्वास्थ्य सुरक्षा की मांग कर रहा था।
यह फैसला न सिर्फ
✔️ शिक्षकों की आर्थिक चिंता कम करेगा
✔️ बल्कि निजी अस्पतालों में बेहतर इलाज का रास्ता भी खोलेगा
👉 अब ज़रूरत है कि
📌 योजना का क्रियान्वयन तेजी और पारदर्शिता से हो
📌 किसी भी पात्र शिक्षक या कर्मचारी को इससे वंचित न किया जाए
सरकारी कलम इस योजना की हर अपडेट पर नज़र रखेगा ✍️

