🚨 हाई बीपी बना साइलेंट किलर: 8 दिनों में 53 मरीज मृत, 50% ने दवा छोड़ने से गंवाई जान


🚨 हाई बीपी बना साइलेंट किलर: 8 दिनों में 53 मरीज मृत, 50% ने दवा छोड़ने से गंवाई जान

कानपुर।
प्रदेश में हृदय रोग तेजी से जानलेवा रूप ले रहे हैं। कार्डियोलॉजी संस्थान, कानपुर में जनवरी के सिर्फ आठ दिनों में हार्ट अटैक के लक्षण लेकर 501 मरीज भर्ती हुए, जबकि 53 मरीज अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत पाए गए

यह आंकड़े न केवल डराने वाले हैं, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही की गंभीर तस्वीर भी पेश करते हैं।


💊 50% मरीजों ने खुद ही छोड़ दी बीपी की दवा

विशेषज्ञों के अनुसार कार्डियोलॉजी विभाग में आने वाले—
⚠️ 50 फीसदी मरीज ऐसे थे जिन्होंने ब्लड प्रेशर की दवा खुद ही बंद कर दी
⚠️ जांच सामान्य आते ही दवा छोड़ दी गई
⚠️ नतीजा — अचानक हार्ट अटैक

👉 ब्लड प्रेशर कंट्रोल में आने का मतलब बीमारी खत्म होना नहीं होता, बल्कि दवा का असर होता है—यह बात मरीज समझ ही नहीं पाए।

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🏥 ओपीडी और इमरजेंसी में हालात चिंताजनक

📌 अब तक 6438 लोगों ने कार्डियोलॉजी ओपीडी में स्वास्थ्य परीक्षण कराया
📌 इमरजेंसी में आठ दिनों में 1253 मरीज पहुंचे

इन मरीजों में प्रमुख लक्षण थे—
▪️ सांस फूलना
▪️ घबराहट
▪️ सिर दर्द
▪️ मिचली

👉 251 मरीज ऐसे निकले जिन्होंने जीवन में कभी बीपी की जांच तक नहीं कराई थी।


🧠 अटैक के बाद चला हाई बीपी का पता

डॉक्टरों के मुताबिक—
🔴 लगभग 20% मरीजों को हार्ट अटैक के बाद पता चला कि उन्हें हाई बीपी है
🔴 15–20% रोगियों को पहले से अपने हाई ब्लड प्रेशर की जानकारी ही नहीं थी
🔴 इनमें युवाओं की संख्या ज्यादा पाई गई

कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश्वर पांडेय के अनुसार,

“हर वयस्क को कम से कम एक बार ब्लड प्रेशर की जांच जरूर करानी चाहिए। सर्दियों में हृदय रोगों का खतरा तीन गुना तक बढ़ जाता है।”


❄️ ठंड में बढ़ा गैंगरीन का खतरा, अंग काटने तक की नौबत

सिर्फ हार्ट ही नहीं, ठंड का असर गैंगरीन के मरीजों पर भी दिख रहा है।

वरिष्ठ सर्जन डॉ. जीडी यादव के अनुसार—
🦶 हाथ-पैर की उंगलियां नीली या काली पड़ना
🦶 त्वचा पर अल्सर बनना
🦶 समय पर इलाज न होने पर अंग काटना पड़ना

⚠️ सर्जरी ओपीडी में डायबिटिक फुट के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है।
डायबिटीज रोगियों के पैरों में बने घाव देर से भरते हैं और सर्दी में स्थिति बिगड़ जाती है।


🧊 ठंड में बरतें ये सावधानियां

✔️ ब्लड प्रेशर और शुगर की नियमित जांच
✔️ डॉक्टर की सलाह बिना दवा बंद न करें
✔️ हाथ-पैर अच्छी तरह ढककर रखें
✔️ छाले या अल्सर दिखें तो तुरंत इलाज कराएं
✔️ सीने में दर्द, सांस फूलना, घबराहट को नजरअंदाज न करें


✍️ सरकारी कलम की राय

“हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज चुपचाप जान ले रहे हैं। दवा छोड़ना, जांच न कराना और लक्षणों को हल्के में लेना आज की सबसे बड़ी भूल बनता जा रहा है। जागरूकता ही सबसे बड़ा इलाज है।”


📌 निष्कर्ष

यह खबर सिर्फ आंकड़े नहीं, चेतावनी है ⚠️
अगर समय रहते बीपी, शुगर और हृदय की जांच नहीं कराई गई, तो हालात और भयावह हो सकते हैं।

👉 स्वास्थ्य, शिक्षा और जनहित से जुड़ी हर ज़रूरी खबर के लिए पढ़ते रहें — सरकारी कलम 📰✍️

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