उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती का बड़ा मुद्दा सामने आया है। बाराबंकी और लखनऊ के कुछ स्कूलों में शिक्षकों की संख्या बहुत ज्यादा है, जबकि कई स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है।
कुछ आंकड़े:
- बाराबंकी के निदूरा ब्लॉक के कम्पोजिट स्कूल कुर्सी में 27 शिक्षक और सिर्फ 1 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है।
- लखनऊ के माल ब्लॉक के जूनियर हाईस्कूल गोड़वा बरीकी में एक भी शिक्षक नहीं है, सिर्फ 1 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है।
- कई स्कूलों में 15-16 शिक्षक हैं, जबकि कई स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है।
क्या हो रहा है?
- शिक्षकों की तैनाती में गड़बड़ी की वजह से यह स्थिति है।
- पहले ऑफलाइन तबादले होते थे, जिसमें शिक्षक जुगाड़ लगाकर अपने मनचाहे स्कूल में तैनाती करा लेते थे।
- ऑनलाइन तबादले शुरू हुए, लेकिन इसमें भी समस्याएं आईं।
- जिले के अधिकारियों ने छात्र-शिक्षक अनुपात को ध्यान में रखे बिना तबादले कर दिए।
क्या कहा जा रहा है?
- प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक असोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार सिंह कहते हैं कि एक स्पष्ट नीति तैयार करनी होगी।
- बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी कहते हैं कि जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता वाली कमिटी होती है, जो तैनाती की जांच करेगी।
