⚠️ 31 जनवरी तक संपत्ति विवरण अनिवार्य
❌ नहीं तो फरवरी में जनवरी का वेतन रुकेगा
लखनऊ, विशेष संवाददाता।
उत्तर प्रदेश के राज्य कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक अहम सूचना सामने आई है। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सभी कार्मिकों को मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण 31 जनवरी तक अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा। तय समय सीमा तक विवरण न देने वाले कर्मचारियों को फरवरी माह में जनवरी का वेतन नहीं मिलेगा।
📜 मुख्य सचिव का सख्त आदेश
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की ओर से सभी विभागाध्यक्षों, कार्यालयाध्यक्षों और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि—
“सभी अधिकारी और कर्मचारी उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम-24 के तहत नियमानुसार अपनी संपत्ति का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज करें।”
📌 किस नियम के तहत अनिवार्य है संपत्ति विवरण?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह निर्देश
👉 उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956
👉 नियम-24
के अंतर्गत जारी किया गया है।
इस नियम के अनुसार, प्रत्येक सरकारी कर्मचारी को समय-समय पर अपनी अर्जित संपत्ति का पूरा विवरण सरकार को देना अनिवार्य है।
💰 वेतन रोके जाने का स्पष्ट प्रावधान
शासनादेश में साफ कहा गया है कि—
- ❌ जो कर्मचारी 31 जनवरी तक चल-अचल संपत्ति का विवरण अपलोड नहीं करेंगे
- ⛔ उनका जनवरी माह का वेतन
- 🏦 आहरण-वितरण अधिकारी (DDO) द्वारा रोक दिया जाएगा
इसके लिए संबंधित विभागों के नोडल अधिकारी और डीडीओ को सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
👥 8.74 लाख कर्मचारियों पर लागू
प्रदेश में सभी श्रेणियों के लगभग 8.74 लाख अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं।
इन सभी को—
📅 31 दिसंबर 2025 तक अर्जित
🏠 चल एवं अचल संपत्ति का विवरण
मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है।
🖥️ मानव संपदा पोर्टल पर क्या करना होगा?
- ✔️ लॉगिन कर संपत्ति विवरण अपडेट करना
- ✔️ पहले से भरे विवरण की पुष्टि / संशोधन
- ✔️ सबमिट करने के बाद रसीद सुरक्षित रखना
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में इस विवरण का डिजिटल ऑडिट भी किया जा सकता है।
✍️ सरकारी कलम की राय
सरकारी कलम का मानना है कि पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए संपत्ति विवरण आवश्यक है, लेकिन
⚠️ वेतन रोकने जैसी कार्रवाई से पहले
📢 कर्मचारियों को पर्याप्त तकनीकी सहायता और समयबद्ध सूचना
देना भी सरकार की जिम्मेदारी है।
कर्मचारियों को सलाह है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते मानव संपदा पोर्टल पर विवरण अपडेट कर लें, ताकि किसी प्रकार की वेतन संबंधी परेशानी न हो। 🧾✅
