UP Basic Education: सत्र 2026-27 के लिए परिषदीय विद्यालयों में किताबों की तैयारी तेज, कक्षा 4 में भी लागू होगा NCERT
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 1.48 करोड़ बच्चों के लिए राहत भरी खबर है। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में छात्र-छात्राओं को समय पर पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने अभी से अपनी रणनीति तैयार कर ली है। पिछले सत्रों के अनुभवों से सबक लेते हुए विभाग इस बार वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दे रहा है।
कक्षा 4 में भी चलेंगी NCERT की किताबें
शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से विभाग इस साल बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब कक्षा 4 में भी एनसीईआरटी (NCERT) का पाठ्यक्रम लागू किया जा रहा है। इसके लिए पाठ्यपुस्तकों की छपाई का ऑर्डर पहले ही जारी किया जा चुका है। गौरतलब है कि विभाग धीरे-धीरे सभी कक्षाओं में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करने की दिशा में बढ़ रहा है।
वितरण में देरी रोकने के लिए सख्त निगरानी
बीते सत्र (2025-26) में कक्षा 1 से 3 की किताबें स्कूलों तक पहुँचने में देरी हुई थी, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई थी। इस बार विभाग ‘कील-कांटे’ दुरुस्त करने में जुट गया है:
- समयबद्ध आपूर्ति: छपाई के तुरंत बाद ही आपूर्ति और वितरण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
- एजेंसियों को सख्त निर्देश: विभाग संबंधित मुद्रण और आपूर्ति एजेंसियों को स्पष्ट चेतावनी देगा कि दूर-दराज के विद्यालयों तक भी किताबें समय सीमा के भीतर पहुंचनी चाहिए।
- ट्रैकिंग सिस्टम: किताबों के वितरण की निगरानी के लिए डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई
बेसिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यालय स्तर तक किताबों के पहुँचने की कड़ी निगरानी की जाएगी। यदि वितरण प्रक्रिया में कहीं भी लापरवाही या गड़बड़ी पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी कलम की राय:
विभाग की यह सक्रियता सराहनीय है। यदि समय से पुस्तकें छात्रों के हाथों में पहुँचती हैं, तो सत्र की शुरुआत से ही पठन-पाठन का माहौल बेहतर हो सकेगा।
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