🚨 दो करोड़ की डिजिटल ठगी से बाल-बाल बचीं सेवानिवृत्त शिक्षिका


🚨 दो करोड़ की डिजिटल ठगी से बाल-बाल बचीं सेवानिवृत्त शिक्षिका

🏦 पंजाब नेशनल बैंक के सतर्क अधिकारियों की सूझबूझ से खुला ‘डिजिटल अरेस्ट’ का राज

साइबर अपराधी किस तरह आम लोगों को मानसिक रूप से तोड़कर करोड़ों की ठगी को अंजाम दे रहे हैं, इसकी एक गंभीर मिसाल सिविल लाइंस क्षेत्र में सामने आई। यहां एक सेवानिवृत्त शिक्षिका को साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट कर लगभग दो करोड़ रुपये की ठगी का प्रयास किया। लेकिन समय रहते पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के सतर्क अधिकारियों की सूझबूझ ने उनकी जीवन भर की कमाई को बचा लिया।

😟 घबराई हालत में बैंक पहुंचीं शिक्षिका

सेवानिवृत्त शिक्षिका सिविल लाइंस क्षेत्र में अकेली रहती हैं, जबकि उनका पुत्र लंदन में नौकरी करता है। 29 दिसंबर को वह सिविल लाइंस स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा पहुंचीं और 1.20 करोड़ रुपये की एफडी तुड़वाकर दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर करने की बात कही।
इसी दौरान बैंककर्मियों को यह भी जानकारी मिली कि वह पहले ही दूसरे बैंक से 90 लाख रुपये की आरटीजीएस करने का प्रयास कर चुकी हैं।

🧐 बैंककर्मियों को हुआ शक

इतनी बड़ी रकम अचानक ट्रांसफर कराने की बात पर बैंक कर्मचारी अभिषेक और नीतू को संदेह हुआ। पूछने पर शिक्षिका ने बताया कि वह प्रॉपर्टी खरीद रही हैं, लेकिन उनकी घबराहट और जवाबों में असंगति साफ झलक रही थी।
मामले की जानकारी तुरंत शाखा प्रबंधक विपिन कुमार को दी गई।

📞 फोन कॉल से खुला ठगी का जाल

शाखा प्रबंधक ने जब शिक्षिका से विस्तार से बात की तो वह गोलमोल जवाब देने लगीं। जिस खाते में पैसा भेजने की बात थी, उसकी जांच की गई तो वह जीरो बैलेंस खाता निकला।
इसके बाद शाखा प्रबंधक ने संबंधित व्यक्ति से बात कराने को कहा, लेकिन शिक्षिका ने मोबाइल देने से इनकार कर दिया। मोबाइल नंबर लेकर जब प्रबंधक ने खुद कॉल किया तो पहले एक युवती ने खुद को बेटी, फिर एक युवक ने खुद को बेटा बताया।
दोनों से जब जन्मतिथि पूछी गई तो वे सही जवाब नहीं दे सके। इससे बैंक अधिकारियों का संदेह पूरी तरह पुख्ता हो गया।

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😢 महिला स्टाफ की संवेदनशीलता से टूटा डर

बैंक की महिला कर्मियों ने शिक्षिका को भरोसा दिलाया कि वह पूरी तरह सुरक्षित हैं और बैंक उनकी हर संभव मदद करेगा। इसके बाद शिक्षिका फूट-फूटकर रो पड़ीं और पूरी सच्चाई सामने आई

🕵️‍♂️ ‘डिजिटल अरेस्ट’ की डरावनी कहानी

शिक्षिका ने बताया कि 26 दिसंबर को उन्हें एक फोन आया। कॉल करने वाले ने उनका नाम लेकर कहा कि

  • उनके आधार कार्ड से फर्जी बैंक खाता खोला गया है
  • उस खाते से करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है
  • यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है

इसके बाद उन्हें CBI, ED और गिरफ्तारी का डर दिखाया गया।
👉 28 दिसंबर तक उन्हें डिजिटल अरेस्ट में रखा गया, यानी लगातार फोन पर निगरानी में।
👉 कहा गया कि अगर वह बचना चाहती हैं तो दो करोड़ रुपये देने होंगे

डर के कारण वह बैंक जाकर रकम ट्रांसफर करने ही वाली थीं, लेकिन तभी बैंक अधिकारियों की सतर्कता से उनकी जिंदगी भर की कमाई बच गई।

⚠️ सरकारी कलम की चेतावनी

यह घटना एक कड़ी चेतावनी है—
❌ कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर गिरफ्तारी की धमकी नहीं देती
❌ CBI/ED कभी पैसे ट्रांसफर करने को नहीं कहती
❌ डराकर पैसा मांगना सीधा साइबर अपराध है

📢 अगर ऐसा कोई फोन आए तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस से संपर्क करें।

👏 बैंक कर्मियों को सलाम

सरकारी कलम PNB के शाखा प्रबंधक विपिन कुमार, बैंककर्मी अभिषेक, नीतू एवं पूरी टीम की संवेदनशीलता, सतर्कता और मानवता को सलाम करता है, जिनकी वजह से एक बुजुर्ग महिला को आर्थिक और मानसिक तबाही से बचाया जा सका।


✍️ (ब्यूरो रिपोर्ट | सरकारी कलम)

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