⚖️ सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश व जजों को घरेलू सेवक और टेलीफोन भत्ता मंजूर, न्याय विभाग ने जारी किया शासनादेश
लखनऊ।
हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश और अन्य सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को घरेलू सेवक व टेलीफोन भत्ता देने संबंधी शासनादेश न्याय विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है। इससे जुड़े प्रस्ताव को कुछ समय पहले हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिल चुकी थी।
न्याय विभाग के प्रमुख सचिव उदय प्रताप सिंह द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार, इस व्यवस्था को लागू करने के लिए राज्यपाल की स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है।
💰 कितना मिलेगा भत्ता?
शासनादेश के मुताबिक—
🔹 सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश एवं उनकी पत्नी/पति को
➡️ घरेलू नौकर/सहायक के लिए ₹50,000 प्रति माह
🔹 अन्य सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को
➡️ घरेलू नौकर/सहायक के लिए ₹45,000 प्रति माह
🔹 इसके अतिरिक्त सभी पात्रों को
➡️ टेलीफोन भत्ता ₹15,000 प्रति माह दिया जाएगा
इस प्रकार सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश को कुल ₹65,000 प्रतिमाह और अन्य सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को ₹60,000 प्रतिमाह तक का लाभ मिलेगा।
🚗 चालक रखने की भी सुविधा
शासनादेश में यह भी प्रावधान किया गया है कि—
✔️ सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश/न्यायाधीश
✔️ या उनके पति/पत्नी
👉 उच्च न्यायालय की अंतिम ग्रेड सेवा में कार्यरत अधिकतम दो कर्मचारियों की सेवाएं लेने का अनुरोध कर सकते हैं।
इनमें से एक कर्मचारी चालक (ड्राइवर) हो सकता है।
🏛️ न्यायिक पद की गरिमा से जुड़ा फैसला
न्याय विभाग का मानना है कि यह निर्णय
🔹 न्यायपालिका की गरिमा बनाए रखने
🔹 सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारियों की आवश्यकताओं
🔹 और उनके सम्मानजनक जीवन-यापन
को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
✍️ सरकारी कलम की टिप्पणी
सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को दिए जाने वाले भत्तों का यह फैसला
✔️ न्यायिक पद की गरिमा से जुड़ा है
✔️ प्रशासनिक रूप से स्पष्ट नियम तय करता है
हालांकि, सरकारी सेवकों और कर्मचारियों के बीच इसे लेकर समानता और प्राथमिकताओं पर बहस भी स्वाभाविक है।
📌 जनहित में पारदर्शिता और संतुलन बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
