माध्यमिक विद्यालयों में रोज़ाना अखबार पढ़ना अनिवार्य, बढ़ेगी पढ़ने की रुचि और घटेगा स्क्रीन टाइम


📚 प्रतापगढ़ में सराहनीय पहल

माध्यमिक विद्यालयों में रोज़ाना अखबार पढ़ना अनिवार्य, बढ़ेगी पढ़ने की रुचि और घटेगा स्क्रीन टाइम

🖊️ सरकारी कलम | प्रतापगढ़

डिजिटल युग में जहां मोबाइल और स्क्रीन विद्यार्थियों की आदत बनते जा रहे हैं, वहीं प्रतापगढ़ जिले में शिक्षा विभाग ने एक प्रशंसनीय और दूरदर्शी कदम उठाया है। जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों में अब विद्यार्थियों के लिए हर दिन समाचार पत्र पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है।

इस निर्णय का उद्देश्य विद्यार्थियों में
👉 पढ़ने की अभिरुचि विकसित करना,
👉 डिजिटल स्क्रीन टाइम कम करना,
👉 और जागरूक व जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है।

📰 विद्यालयों की दैनिक पाठन संस्कृति का हिस्सा बनेगा अखबार

रीडिंग कैंपेन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुस्तकों के साथ-साथ अब समाचार पत्रों को भी विद्यालय की दैनिक पाठन संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाया जा रहा है। विद्यार्थी प्रतिदिन स्कूल पहुंचकर अखबार पढ़ेंगे, जिससे उनका संपर्क वास्तविक दुनिया की घटनाओं से बना रहेगा।

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इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ने सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

🎓 DIOS ओमकार राणा ने बताई पहल की जरूरत

जिला विद्यालय निरीक्षक ओमकार राणा ने बताया कि नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ने से विद्यार्थियों की
📌 सामान्य ज्ञान,
📌 करंट अफेयर्स,
📌 और समसामयिक विषयों पर समझ मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि यह अभ्यास विद्यार्थियों को केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि उन्हें जीवन के लिए तैयार करेगा।

🤝 मानवीय मूल्यों और सामाजिक समझ का होगा विकास

अखबारों में प्रकाशित

  • मानवीय कहानियां
  • सामाजिक समस्याएं
  • प्रेरणादायक घटनाएं

विद्यार्थियों को समाज की वास्तविक चुनौतियों से परिचित कराती हैं। इससे उनमें
❤️ सहानुभूति,
❤️ संवेदनशीलता,
❤️ और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।

यही गुण उन्हें एक सजग और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ाते हैं।

✍️ भाषा, शब्दावली और लेखन क्षमता में सुधार

विभिन्न प्रकार के समाचार, लेख और संपादकीय पढ़ने से विद्यार्थियों की
🖋️ शब्दावली समृद्ध होगी,
🖋️ भाषा शैली में सुधार होगा,
🖋️ और लेखन क्षमता विकसित होगी

साथ ही अलग-अलग दृष्टिकोणों और विश्लेषणों को पढ़ने से विद्यार्थियों में
🧠 क्रिटिकल थिंकिंग
और
⚖️ सही-गलत में अंतर करने की समझ विकसित होगी।

📵 स्क्रीन से दूरी, एकाग्रता में वृद्धि

डिजिटल स्क्रीन की तुलना में भौतिक अखबार पढ़ने से विद्यार्थियों की
✔️ एकाग्रता,
✔️ धैर्य,
✔️ और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

यह पहल मानसिक स्वास्थ्य के लिहाज़ से भी विद्यार्थियों के लिए लाभकारी मानी जा रही है।

🌟 सरकारी कलम की राय

सरकारी कलम इस निर्णय को शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक और अनुकरणीय कदम मानता है। यदि इसे ईमानदारी से लागू किया गया, तो यह न केवल विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर को ऊंचा उठाएगा, बल्कि उन्हें समाज के प्रति जागरूक भी बनाएगा।

📢 अन्य जिलों को भी प्रतापगढ़ मॉडल से सीख लेकर ऐसी पहल अपनानी चाहिए।


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