योगी सरकार ने लॉन्च किया AI आधारित ‘यक्ष एप’, आवाज से भी पकड़े जाएंगे अपराधी🚨 दावा:अब अपराधी नहीं बचेंगे पहचान से बाहर


🚨 अब अपराधी नहीं बचेंगे पहचान से बाहर

उत्तर प्रदेश पुलिस अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ताकत से अपराधियों पर और सख्त शिकंजा कसने जा रही है। पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय पुलिस मंथन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने AI आधारित ‘यक्ष एप’ लॉन्च किया, जो प्रदेश की पुलिसिंग में एक ऐतिहासिक तकनीकी बदलाव माना जा रहा है।


🧠 यक्ष एप: अब अपराधी सिर्फ चेहरे से नहीं, आवाज से भी पहचान में आएंगे

‘यक्ष एप’ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि—
📌 इसमें अपराधी का

  • नाम
  • पता
  • फोटो
  • वीडियो
  • वॉयस सैंपल

अपलोड किया जाएगा।

👉 यह पहली बार होगा जब अपराधियों की पहचान आवाज (Voice Sample) के जरिए भी की जा सकेगी।
इससे
✔️ साइबर अपराध
✔️ फिरौती कॉल
✔️ धमकी भरे फोन
✔️ संगठित अपराध

पर लगाम लगाने में बड़ी मदद मिलेगी।


👮‍♂️ बीट पुलिसिंग होगी और मजबूत

पुलिस मंथन के पहले सत्र में एडीजी अपराध एस.के. भगत ने बताया कि—

  • बीट सिपाही
  • दरोगा

अपने-अपने क्षेत्र के अपराधियों का पूरा डाटा यक्ष एप पर अपलोड करेंगे

📍 संवेदनशील इलाके
📍 ब्लस (विशेष) कार्रवाई
📍 संदिग्ध गतिविधियां

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सब कुछ एप पर उपलब्ध रहेगा, जिससे
➡️ निगरानी, विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई आसान होगी।


💻 साइबर अपराधियों पर तकनीक से वार

एक अन्य सत्र में डीजी साइबर क्राइम विनोद सिंह ने बताया कि—

  • साइबर अपराधों की पहचान
  • डिजिटल ट्रैकिंग
  • तकनीकी साक्ष्य

के जरिए अपराधियों पर कार्रवाई को पहले से कहीं ज्यादा प्रभावी बनाया गया है।


👩‍🦰 महिला सुरक्षा पर विशेष जोर

एडीजी पद्मजा चौहान ने महिला एवं बाल अपराध और मानव तस्करी पर कार्ययोजना प्रस्तुत की।

सीएम योगी के निर्देश—
✔️ महिला बीट सिपाही व दरोगा महिलाओं से नियमित संवाद करें
✔️ हेल्पलाइन नंबर व वीमेन पावर लाइन की जानकारी दें
✔️ मिशन शक्ति को बहु-विभागीय समन्वय से लागू करें

👉 साफ है कि महिला सुरक्षा अब सिर्फ नारा नहीं, मैदानी कार्रवाई बन चुकी है।


🏢 थानों की बदलेगी तस्वीर, जवाबदेही होगी तय

एडीजी जोन लखनऊ सुजीत पांडेय ने बताया—

  • स्मार्ट SHO डैशबोर्ड से
  • थाना प्रभारी एक क्लिक पर
    • केस की स्थिति
    • विवेचना की प्रगति
    • कार्रवाई की जानकारी

देख सकेंगे।
➡️ इससे लापरवाही पर सीधी जवाबदेही तय होगी।


📲 CCTNS-2.0 और नई डिजिटल व्यवस्था

एडीजी नवीन अरोड़ा ने बताया—
✔️ CCTNS-2.0
✔️ ई-FIR
✔️ जीरो FIR
✔️ ई-समन
✔️ ई-साक्ष्य

जैसी व्यवस्थाओं से पुलिसिंग पूरी तरह डिजिटल युग में प्रवेश कर चुकी है


⛓️ जेल भी होंगे हाईटेक

डीजी कारागार पी.सी. मीना ने जानकारी दी कि—

  • जेलों में डिजिटलीकरण
  • AI आधारित CCTV निगरानी
  • ई-मुलाकात व्यवस्था

लागू की जा रही है, ताकि
👉 जेल से अपराध संचालन पर रोक लगे।


🚓 यूपी-112: अब 6–7 मिनट में मदद

सीएम योगी ने बताया कि—
⏱️ पहले यूपी-112 का रेस्पॉन्स टाइम 60–65 मिनट था
⚡ अब 6–7 मिनट में PRV मौके पर पहुंच रही है

यह बदलाव आधुनिक पुलिसिंग का बड़ा प्रमाण है।


📜 सीएम योगी के 10 बड़े निर्देश

सीएम ने पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए 10 अहम निर्देश दिए, जिनमें—
✔️ ग्राम चौकीदारों को बीट व्यवस्था से जोड़ना
✔️ चेन स्नेचिंग व महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर त्वरित कार्रवाई
✔️ थानों में 50,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती
✔️ माफिया पर जेल में भी सख्त निगरानी
✔️ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी

जैसे अहम फैसले शामिल हैं।


✍️ सरकारी कलम की राय

🔹 तकनीक + इच्छाशक्ति = प्रभावी पुलिसिंग
🔹 ‘यक्ष एप’ जैसे इनोवेशन अपराध के तरीकों से दो कदम आगे हैं
🔹 योगी सरकार का फोकस अब सिर्फ कानून-व्यवस्था नहीं, स्मार्ट और संवेदनशील पुलिसिंग पर है

👉 सरकारी कलम मानता है कि यह बदलाव प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होंगे।


✍️ सरकारी कलम
📰 तकनीक के साथ सुरक्षा, सुरक्षा के साथ भरोसा


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