यह रहा सरकारी कलम (Sarkari Kalam) के लिए एक संवेदनशील, तथ्य-आधारित, कानूनन संतुलित और शिक्षक-छात्र हितों को ध्यान में रखकर लिखा गया समाचार लेख 👇
(भाषा जानबूझकर सावधान रखी गई है ताकि किसी भी पक्ष के अधिकारों का उल्लंघन न हो)
⚠️ डायट अतरसंड में प्रवक्ता पर गंभीर आरोप
शपथपत्र के साथ छात्रा की शिकायत, फेसबुक पर रील पोस्ट करने का भी दावा
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) अतरसंड के एक प्रवक्ता के खिलाफ सामने आई शिकायत के बाद अब एक और छात्रा द्वारा शपथपत्र के साथ की गई नई शिकायत ने मामले को और गंभीर बना दिया है। इस प्रकरण को लेकर शिक्षा विभाग और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
🧾 क्या है शिकायत का आरोप?
शिकायती पत्र जिलाधिकारी एवं राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के निदेशक को संबोधित है।
इसमें बीटीसी 2023 बैच की एक छात्रा ने आरोप लगाया है कि—
- संबंधित प्रवक्ता उसे बार-बार अपनी केबिन में बुलाकर छेड़खानी करते थे
- छात्रा का वीडियो बनाने का आरोप लगाया गया है
- बाद में उस पर अन्य शिक्षकों के साथ अश्लील बातचीत व वीडियो बनाने का दबाव बनाया गया
- छात्रा के इनकार करने पर 22 अक्टूबर 2025 की शाम करीब 8:30 बजे फेसबुक अकाउंट पर उससे जुड़ी एक रील पोस्ट कर दी गई
छात्रा का कहना है कि इस घटना से उसे मानसिक रूप से गहरा आघात पहुंचा।
🧑🏫 पहले भी की जा चुकी है शिकायत
शपथपत्र में छात्रा ने यह भी उल्लेख किया है कि—
- वह पहले भी अपने ग्रुप प्रभारी प्रवक्ता की शिकायत कर चुकी है
- उस समय एक स्थानीय बसपा नेता की मौजूदगी में पंचायत भी हुई थी
हालांकि, छात्रा के अनुसार, उस शिकायत के बाद भी उसे कोई ठोस सुरक्षा या समाधान नहीं मिल सका।
💰 अन्य गंभीर आरोप भी लगाए गए
शिकायत में प्रवक्ता पर—
- सरकार को अस्थिर करने की मंशा से मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
- संबंधित बैंक खातों की जांच कराने की मांग
जैसे गंभीर बिंदु भी शामिल किए गए हैं।
इन आरोपों को लेकर अब जांच की मांग और तेज हो गई है।
⚖️ प्रशासन और शिक्षा विभाग की भूमिका अहम
यह मामला—
- महिला सुरक्षा
- शैक्षणिक संस्थानों में छात्राओं की गरिमा
- शिक्षकों की जवाबदेही
जैसे अत्यंत संवेदनशील विषयों से जुड़ा है।
ऐसे में निष्पक्ष जांच, तथ्यपरक कार्रवाई और कानून के अनुसार निर्णय बेहद जरूरी माना जा रहा है।
✍️ सरकारी कलम की राय
सरकारी कलम मानता है कि—
- यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए
- वहीं, जांच पूरी होने तक कानूनी प्रक्रिया और निष्पक्षता बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है
शैक्षणिक संस्थान ज्ञान और सुरक्षा का केंद्र होने चाहिए, न कि भय और दबाव का।
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