🔬 केजीबीवी की छात्राओं के लिए विज्ञान-गणित अब किताबों से बाहर, “Learning by Doing” की शुरुआत
लखनऊ।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में अध्ययनरत छात्राओं के लिए विज्ञान और गणित को रोचक, व्यावहारिक और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब छात्राएं केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि प्रयोग, गतिविधि और प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से विषयों को समझेंगी।
📘 लर्निंग बाई डूइंग कार्यक्रम
इस नई पहल के तहत “Learning by Doing” कार्यक्रम लागू किया गया है। इसके लिए विज्ञान और गणित विषय पढ़ाने वाले शिक्षकों का विशेष प्रशिक्षण राज्य ग्रामीण विकास संस्थान में चल रहा है।
👧 ग्रामीण बालिकाओं के लिए बड़ा अवसर
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि
“हर बालिका को कौशल-आधारित, आधुनिक और समान अवसरों वाली शिक्षा मिले।”
उन्होंने कहा कि सभी केजीबीवी में यह कार्यक्रम लागू किया जाना उसी सोच का परिणाम है, जिससे ग्रामीण पृष्ठभूमि की बालिकाएं भी प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बन सकें।
✍️ सरकारी कलम की राय
यह पहल केवल पाठ्यक्रम सुधार नहीं, बल्कि शिक्षा में समानता और गुणवत्ता की दिशा में ठोस कदम है। यदि इसे ईमानदारी से लागू किया गया, तो केजीबीवी की छात्राएं भी विज्ञान-गणित में नई पहचान बना सकेंगी। 📚✨
⚠️ पदोन्नति के इंतजार में रिटायर हो गईं शिक्षिकाएं, गोपनीय आख्या बनी सबसे बड़ी बाधा
लखनऊ।
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षिकाओं के लिए पदोन्नति अब सपना बनती जा रही है। शिक्षा निदेशालय द्वारा लगातार पत्राचार के बावजूद गोपनीय आख्या (ACR) उपलब्ध न होने से दर्जनों शिक्षिकाएं बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो चुकी हैं।
📄 छठी बार पत्र, फिर भी लापरवाही
अपर शिक्षा निदेशक (राजकीय) अजय कुमार द्विवेदी ने मंडलीय व जिला अधिकारियों को छठी बार पत्र लिखते हुए 25 दिसंबर तक गोपनीय आख्या भेजने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि समयसीमा तक आख्या उपलब्ध नहीं होती है, तो
👉 दोषी अधिकारी/कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव भी शासन को भेजा जाएगा।
⏳ ढाई साल से अटका मामला
शिक्षा निदेशालय द्वारा
- 11 व 20 जुलाई 2023
- 16 मई व 10 जून 2024
- 30 सितंबर 2024
- 12 दिसंबर 2025
को पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन हालात जस के तस हैं।
👩🏫 बिना पदोन्नति रिटायर हुईं शिक्षिकाएं
प्रदेश के कई जिलों से शिक्षिकाएं सेवानिवृत्त हो चुकी हैं, जिनमें
ललितपुर, पीलीभीत, बरेली, बस्ती, बिजनौर, बागपत, गाजियाबाद, प्रतापगढ़, प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली सहित अनेक जिले शामिल हैं।
✍️ सरकारी कलम का सवाल
जब अधिकारी लापरवाही करें, तो सजा शिक्षिकाओं को क्यों?
पदोन्नति केवल वेतन नहीं, बल्कि सम्मान और अधिकार है। सरकार को अब इस गंभीर प्रशासनिक विफलता पर ठोस कार्रवाई करनी ही होगी।
🕌 मदरसा शिक्षकों-कर्मचारियों से जुड़ा विवादित विधेयक वापस, कैबिनेट ने लगाई मुहर
लखनऊ।
मदरसा शिक्षकों व कर्मियों के वेतन भुगतान और अन्य सुविधाओं से जुड़ा विवादित विधेयक आखिरकार वापस ले लिया गया है। राज्य कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश मदरसा (अध्यापकों एवं अन्य कर्मचारियों के वेतन का भुगतान) विधेयक, 2016 को निरस्त करने पर मुहर लगा दी है।
📜 2016 में सपा सरकार लाई थी व्यवस्था
यह विधेयक वर्ष 2016 में तत्कालीन सपा सरकार द्वारा लाया गया था, जिसे विधानसभा और विधान परिषद से पास भी करवा लिया गया था।
लेकिन—
👉 राज्यपाल ने इसे मंजूरी नहीं दी
👉 राष्ट्रपति के पास भेज दिया गया
👉 और यह कभी लागू नहीं हो पाया
⚖️ अन्य विभागों से अलग नियमों पर था विवाद
इस विधेयक में मदरसा शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए ऐसे नियम प्रस्तावित थे, जो अन्य सरकारी विभागों से अलग थे। इसी कारण यह लंबे समय से विवादों में रहा।
🚔 अब सामान्य कानून लागू
विधेयक वापस होने के बाद अब मदरसा शिक्षक या कर्मचारी द्वारा किसी भी प्रकार की गलती होने पर सामान्य कानून के तहत पुलिस कार्रवाई संभव होगी।
✍️ सरकारी कलम की टिप्पणी
स्पष्ट कानून और समान नियम व्यवस्था के लिए जरूरी हैं। लेकिन साथ ही यह भी आवश्यक है कि मदरसा शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता न हो।
📝 यूपी में 2158 पदों पर सीधी भर्ती शुरू, ऑनलाइन आवेदन 22 जनवरी तक
लखनऊ।
प्रदेश के विभिन्न विभागों में 2158 पदों पर सीधी भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
📅 महत्वपूर्ण तिथियां
- 🖥️ ऑनलाइन आवेदन व शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि: 22 जनवरी
- ✏️ आवेदन में त्रुटि संशोधन व शुल्क समाधान की अंतिम तिथि: 29 जनवरी
🏥 किस विभाग में कितने पद
भर्ती निम्न पदों पर की जाएगी—
- आयुर्वेद निदेशालय (आयुर्वेद/यूनानी): 884 पद
- पशुधन विभाग (पशुचिकित्सा अधिकारी): 404 पद
- होम्योपैथी निदेशालय: 265 पद
- चिकित्साधिकारी (आयुर्वेद): 168 पद
- दन्त सर्जन (स्वास्थ्य विभाग): 157 पद
✍️ सरकारी कलम की सलाह
अभ्यर्थी समय रहते आवेदन करें और आवेदन में किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचें, क्योंकि बाद में सुधार का अवसर सीमित होता है।
