शिक्षामित्र-अनुदेशकों के मानदेय पर सरकार का बड़ा संकेत, वित्तविहीन शिक्षकों को कैशलेस इलाज का भरोसा 🏫💬


शिक्षामित्र-अनुदेशकों के मानदेय पर सरकार का बड़ा संकेत, वित्तविहीन शिक्षकों को कैशलेस इलाज का भरोसा 🏫💬

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और वित्तविहीन शिक्षकों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने विधान परिषद में स्पष्ट किया है कि शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि पर सरकार जल्द निर्णय लेगी और इस फैसले से समय आने पर सदन को अवगत कराया जाएगा

यह अहम मुद्दा समाजवादी पार्टी के सदस्य आशुतोष सिन्हा ने प्रश्न प्रहर के दौरान उठाया था। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या इस संबंध में किसी समिति का गठन किया गया है। इस पर मंत्री संदीप सिंह ने साफ किया कि फिलहाल किसी समिति का गठन नहीं किया गया है, लेकिन सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रही है।

👉 यह बयान उन शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए उम्मीद की किरण है, जो वर्षों से न्यूनतम मानदेय में शिक्षा व्यवस्था को संभाले हुए हैं।


वित्तविहीन शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सौगात 🏥✨

प्रश्न प्रहर के दौरान ही डॉ. मान सिंह यादव ने वित्तविहीन शिक्षकों को मूलभूत सुविधाएं देने का मुद्दा उठाया। इस पर नेता सदन व उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि—

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“वित्तविहीन शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए 89 करोड़ रुपये से अधिक का बजट आवंटित किया गया है और जल्द ही शासनादेश भी जारी कर दिया जाएगा।”

🔹 यह निर्णय उन शिक्षकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिन्हें आज तक सरकारी सुविधाओं से वंचित रखा गया।


संस्कृत शिक्षकों की GPF समस्या पर सरकार का आश्वासन 📜

शिक्षक दल के सदस्य ध्रुव त्रिपाठी ने संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों को जीपीएफ भुगतान में आ रही परेशानियों को सदन में उठाया। इस पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भरोसा दिलाया कि—

छह माह के भीतर नवसृजित जिलों में आ रही सभी तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं को दूर कर दिया जाएगा।”

🙏 संस्कृत शिक्षकों के लिए यह आश्वासन लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक कदम है।


निजी शिक्षा बोर्ड प्रचार में अधिकारियों की भूमिका की होगी जांच 🔍

सपा सदस्य लाल बिहारी यादव ने निजी शिक्षा बोर्ड के प्रचार-प्रसार में सरकारी अधिकारियों की संलिप्तता का मुद्दा उठाया। इस पर नेता सदन ने कहा कि—

“इस मामले की जांच कराई जाएगी और यदि कोई अनियमितता पाई गई तो कार्रवाई होगी।”


विश्वविद्यालयों में भर्ती घोटाले और आरक्षण उल्लंघन का मुद्दा ⚖️

भाजपा सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु में शिक्षकों की नियुक्ति में रिश्वत लेकर अयोग्य लोगों के चयन और आरक्षण नियमों के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया।

नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि—

“यदि आरक्षण प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है तो जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”


शोध से जुड़े सवाल संदर्भ समिति को भेजे गए 🔬

शिक्षक दल के ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के प्रोजेक्ट्स को लेकर सवाल उठाया और कहा कि प्रदेश की मेधा का सही उपयोग नहीं हो पा रहा
इस पर सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने इस प्रश्न को प्रश्न एवं संदर्भ समिति को भेजने के निर्देश दिए।


सरकारी कलम का पक्ष ✍️

सरकारी कलम का स्पष्ट मानना है कि—

  • शिक्षामित्र, अनुदेशक और वित्तविहीन शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं
  • वर्षों से वे कम मानदेय और असुरक्षित भविष्य में सेवा दे रहे हैं
  • सरकार को अब घोषणाओं से आगे बढ़कर ठोस निर्णय लेने चाहिए

📢 शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व के बिना “शिक्षित प्रदेश” का सपना अधूरा है।


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