परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को बैंडबाजा दल से जोड़ा जा रहा है। 🎺🥁

🖊️ सरकारी कलम | शिक्षा में नवाचार

परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा अब केवल पुस्तकों और पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रह गई है। बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए अब विद्यालयों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना को मजबूत करने के लिए लगातार नए प्रयोग किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में प्रदेश सरकार ने एक अनूठी और प्रेरणादायी पहल शुरू की है, जिसके तहत बड़े परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को बैंडबाजा दल से जोड़ा जा रहा है। 🎺🥁


🏫 किन विद्यालयों में लागू होगी योजना?

प्रदेश सरकार की इस पहल के अंतर्गत:

  • जिन उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 250 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं
  • वहां बैंडबाजा और बैंड यूनिफार्म की व्यवस्था की जाएगी

इस योजना से न केवल बच्चों में सामूहिकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी, बल्कि वे आत्मविश्वास के साथ सार्वजनिक मंचों पर प्रस्तुति देना भी सीखेंगे।


💰 बजट और वित्तीय प्रावधान

इस नवाचार के लिए सरकार ने:

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  • 🎺 बैंडबाजा के लिए 3.78 करोड़ रुपये
  • 👕 बैंड यूनिफार्म के लिए 4.78 करोड़ रुपये

का बजट जारी किया है।

➡️ एक बैंडबाजा सेट की लागत 30,000 रुपये निर्धारित की गई है
➡️ बैंड यूनिफार्म की लागत प्रति बच्चा 300 रुपये रखी गई है

प्रत्येक चयनित विद्यालय को:

  • दो बैंडबाजा सेट उपलब्ध कराए जाएंगे
  • एक बैंड टीम में 19 बच्चों को शामिल किया जाएगा

👧🧒 कितने बच्चों को मिलेगा लाभ?

प्रदेश स्तर पर:

  • 🏫 1260 उच्च प्राथमिक विद्यालय इस योजना में शामिल
  • 👦👧 23,940 बच्चे सीधे लाभान्वित होंगे

📍 अवध क्षेत्र के शामिल जिले और विद्यालय संख्या:

  • हरदोई : 42 विद्यालय
  • लखनऊ : 18
  • बहराइच : 88
  • अमेठी : 11
  • अंबेडकर नगर : 13
  • बलरामपुर : 10
  • गोंडा : 27
  • लखीमपुर खीरी : 116
  • रायबरेली : 28
  • श्रावस्ती : 8
  • सीतापुर : 38
  • सुलतानपुर : 14

⭐ हरदोई जिले को विशेष लाभ

हरदोई जिले में:

  • 🏫 42 उच्च प्राथमिक विद्यालय चयनित किए गए हैं
  • 👧👦 798 बच्चों को सीधा लाभ मिलेगा
  • 💵 कुल 28 लाख 56 हजार रुपये की धनराशि जारी की गई है

बैंडबाजा और यूनिफार्म की खरीद स्थानीय स्तर पर विद्यालय प्रबंध समिति (SMC) के माध्यम से की जाएगी।


🗂️ योजना को मिली केंद्र से मंजूरी

यह पहल समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट 2025-26 के अंतर्गत शामिल है, जिसे:

✔️ प्रोजेक्ट एप्रूवल बोर्ड (PAB)
✔️ शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार

द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है।

हरदोई के वीएसए डॉ. अजित सिंह ने बताया कि:

“बैंडबाजा और यूनिफार्म की खरीद शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार ही की जाएगी।”


✍️ सरकारी कलम की टिप्पणी

📢 यह योजना शिक्षा को केवल किताबी दायरे से निकालकर व्यवहारिक जीवन कौशल से जोड़ने की एक सराहनीय पहल है। बैंडबाजा दल बच्चों में:

  • 🎯 अनुशासन
  • 🤝 टीमवर्क
  • 🧭 नेतृत्व क्षमता
  • 🇮🇳 राष्ट्रीय आयोजनों में सहभागिता

जैसे गुणों का विकास करेगा।

सरकारी कलम मानता है कि ऐसे नवाचार परिषदीय विद्यालयों की छवि को सशक्त बनाएंगे और सरकारी स्कूलों के प्रति समाज का विश्वास और मजबूत करेंगे।

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