बच्चों का कौशल प्रशिक्षण स्कूल स्तर से ही शुरू होना चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकेंव्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल

व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा है कि बच्चों का कौशल प्रशिक्षण स्कूल स्तर से ही शुरू होना चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और डिग्री लेने के बाद अलग से कौशल सीखने में समय न गंवाना पड़े।

वे शुक्रवार को विकसित उत्तर प्रदेश @2047 विजन के तहत योजना भवन में आयोजित विचार-मंथन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

🎯 रोजगार के बढ़ते अवसर, कौशल पर जोर

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मैन्यूफैक्चरिंग, एग्रीकल्चर, फर्टिलाइजर्स, ऑटोमोबाइल और नई तकनीकों के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। इन क्षेत्रों की जरूरतों को देखते हुए युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण देकर तैयार करना समय की मांग है।

उन्होंने बताया कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए व्यावसायिक शिक्षा और प्राविधिक शिक्षा विभाग मिलकर एक साझा विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर रहे हैं। इसमें—

✔️ इंडस्ट्री की जरूरतें
✔️ छात्रों की समस्याएं
✔️ स्कूल और कॉलेज स्तर की चुनौतियां

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को शामिल किया जा रहा है।

🌱 गांव-गांव तक कौशल प्रशिक्षण पहुंचाने का लक्ष्य

मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को आर्थिक सहायता और कौशल समर्थन देकर आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए विभाग गांव-गांव तक कौशल प्रशिक्षण पहुंचाने के मिशन पर कार्य कर रहा है।

💰 बजट की नहीं होगी कोई कमी

मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि विकसित भारत के विजन में विकसित उत्तर प्रदेश की केंद्रीय भूमिका है, इसलिए इस दिशा में किसी भी प्रकार की बजट कमी नहीं आने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री के सलाहकार जे.एन. सिंह ने कहा कि आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थान विकसित उत्तर प्रदेश 2047 की नींव हैं। इन संस्थानों की मान्यता और संबद्धता प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाएगा।

🤖 ड्रोन, एआई और ब्लॉकचेन में प्रशिक्षण

व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने बताया कि 212 आईटीआई को टाटा के सहयोग से अपग्रेड किया गया है। इन संस्थानों में पिछले दो वर्षों में करीब 24 हजार युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया है।

वहीं, विभाग के अपर मुख्य सचिव नरेंद्र भूषण ने बताया कि 121 पॉलिटेक्निक संस्थानों को टीटीएल के सहयोग से इंडस्ट्री 4.0 मॉडल के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।

🖊️ सरकारी कलम प्रदेश की शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जुड़ी हर महत्वपूर्ण पहल को सरल और तथ्यात्मक रूप में आपके सामने लाता रहेगा।

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