जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती में आरक्षण और पदों को लेकर अभ्यर्थियों में चिंता
गोरखपुर।
वर्ष 2021 की जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती में कानूनी बाधा समाप्त होने और शासनादेश जारी होने के बावजूद कई सवाल अभी भी बने हुए हैं।
- मुख्य मुद्दा: चयन प्रक्रिया को विद्यालय इकाई मानने से भूतपूर्व सैनिक, दिव्यांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, ईडब्ल्यूएस और एसटी अभ्यर्थियों का आरक्षण शून्य हो गया है।
- अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से गोरखपुर में जनता दरबार में मिलकर मांग की कि भर्ती प्रक्रिया को प्रदेश स्तर पर लागू किया जाए।
अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया
- जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती के प्रदेश अध्यक्ष नागेंद्र पाण्डेय ने बताया कि बेसिक शिक्षा निदेशक ने 15 फरवरी 2025 को न्यायालय में शपथपत्र दाखिल कर कहा था कि भर्ती प्रक्रिया गतिमान है और सभी वर्गों को आरक्षण मिलेगा।
- लेकिन तीन नवंबर को भर्ती पूर्ण करने का आदेश जारी होने के बाद:
- भूतपूर्व सैनिक/दिव्यांग/स्वतंत्रता सेनानी, ईडब्ल्यूएस और एसटी अभ्यर्थियों का आरक्षण शून्य कर दिया गया
- ओबीसी और एससी अभ्यर्थियों का आरक्षण भी न्यूनतम कर दिया गया
- पदों की संख्या घट जाने से अवसर कम हो गए
आगे की कार्रवाई
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि चयन मेरिट प्रदेश स्तर पर नहीं बनाई गई और वर्तमान आरक्षण व्यवस्था लागू नहीं हुई, तो वे न्यायालय का सहारा लेंगे।
यह मामला अब शिक्षा विभाग और अभ्यर्थियों के बीच संवेदनशील मसला बन गया है, जिसे जल्द सुलझाना आवश्यक है।
