परिषदीय स्कूलों में अर्धवार्षिक परीक्षा शुरू, 50 अंक के प्रश्नपत्र ने बढ़ाई शिक्षकों की चिंता
लखनऊ।
प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में बुधवार से अर्धवार्षिक परीक्षा का आयोजन शुरू हो गया।
- कक्षा 1 से 5 के छात्रों की मौखिक परीक्षा हुई
- कक्षा 6 से 8 के छात्रों ने लिखित परीक्षा दी
- कुछ खंड शिक्षाधिकारियों ने स्कूलों का निरीक्षण भी किया
50 अंक का प्रश्नपत्र, अंक विवरण में समस्या
शिक्षकों के लिए असमंजस तब पैदा हुआ जब उन्होंने लिखित परीक्षा के 50 अंक के प्रश्नपत्र को देखा।
परियोजना कार्यालय द्वारा दिए गए निर्देशों में लिखा था कि लिखित अर्धवार्षिक परीक्षा में:
- बहुविकल्पीय प्रश्न
- अति लघु उत्तरीय
- लघु उत्तरीय
- दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
शामिल होंगे।
कक्षा 6 से 8 के लिए अंक वितरण इस प्रकार है:
- प्रथम सत्र परीक्षा: 10 अंक
- अर्धवार्षिक परीक्षा: 30 अंक
- द्वितीय सत्र परीक्षा: 10 अंक
- वार्षिक परीक्षा: 50 अंक
इसलिए, जब अर्धवार्षिक परीक्षा का प्रश्नपत्र 50 अंक का है, तो वार्षिक परीक्षा के बाद रिपोर्ट कार्ड में अंक विवरण भरने में कठिनाई हो सकती है।
अभिभावकों को मिलेगा मौका
राष्ट्रीय मेंटर शत्रुंजय शर्मा ने बताया कि अर्धवार्षिक परीक्षाफल घोषित करने के दिन सभी स्कूलों में अभिभावकों के साथ बैठक होगी। इस बैठक में छात्र-छात्राएं मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाएं देख सकेंगे।
- कक्षा 2 और 3 में लिखित और मौखिक परीक्षा का भार 50-50 प्रतिशत होगा
- कक्षा 4 और 5 में लिखित और मौखिक परीक्षा का भार क्रमशः 70 प्रतिशत और 30 प्रतिशत रहेगा
इस व्यवस्था से अभिभावक और शिक्षक दोनों परीक्षा परिणाम की पारदर्शिता और मूल्यांकन प्रक्रिया को समझ सकेंगे।
