डिजिटल आदतों का खतरा: मोबाइल–लैपटॉप के बढ़ते उपयोग से कार्पल टनल सिंड्रोम के मरीज दोगुने, 65% युवा
कानपुर।
डिजिटल दुनिया में घंटों मोबाइल पकड़े रहने, लगातार टाइपिंग करने और स्क्रीन के सामने एक ही मुद्रा में बैठे रहने की आदत अब हाथों की नसों पर गहरा असर डाल रही है। न्यूरोफिजीशियनों के अनुसार कार्पल टनल सिंड्रोम (सीटीएस) तेजी से बढ़ रहा है और पिछले तीन साल में इसके मरीज दोगुने हो गए हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मरीजों में 65% युवा हैं।
मोबाइल चैटिंग और टाइपिंग ने बिगाड़ा हाल
26 वर्षीय युवक का मामला
कॉल सेंटर में काम करने वाला 26 वर्षीय युवक दिन भर मोबाइल चैटिंग, कॉल लॉगिंग और गेमिंग करता था।
- शुरुआत झुनझुनी से हुई
- फिर रात को तीखा दर्द
- सुबह उंगलियां सुन्न
- दो माह बाद टाइपिंग के दौरान पकड़ कमजोर
युवक ने इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज किया, जिससे स्थिति और बिगड़ती गई।
43 वर्षीय महिला कंटेंट क्रिएटर की समस्या
बर्रा की रहने वाली एक महिला रोज 6–7 घंटे फोन पकड़कर शूटिंग, एडिटिंग और अपलोडिंग करती थीं।
कुछ सप्ताह बाद:
- रात में हाथ सुन्न
- सुबह उंगलियां नहीं खुलती
- कलाई में तेज चुभन और जलन
डॉक्टरों के अनुसार ये लक्षण सामान्य दर्द नहीं बल्कि नस के दबने का संकेत थे।
क्या है कार्पल टनल सिंड्रोम?
कलाई के भीतर एक पतली सुरंग होती है—कार्पल टनल।
इसी से गुजरती है मीडियन नर्व, जो उंगलियों और हथेली की संवेदना व पकड़ नियंत्रित करती है।
जब मोबाइल या लैपटॉप लंबे समय तक एक ही मुद्रा में पकड़ा जाता है, तो इस नस पर दबाव बढ़ जाता है, जिसके कारण:
- उंगलियां सुन्न
- जलन
- पकड़ कमजोर
- लगातार दर्द
जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
केस बढ़ रहे हैं, युवाओं में तेजी
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज रिपोर्ट और न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष सिंह के अनुसार:
- पिछले 3 वर्षों में सीटीएस के मामले दोगुने
- पहले यह समस्या टाइपिस्ट, सिलाई–कढ़ाई, डेटा ऑपरेटर तक सीमित
- अब महिलाओं, ऑफिस कर्मचारियों, डिजाइनर्स, यूट्यूबर, गेमर्स और घरेलू कार्य करने वालों में तेज वृद्धि
डॉ. मनीष के अनुसार, लगातार मोबाइल/टैबलेट पकड़ने से नसों का तंत्र बिगड़ रहा है और इसका सीधा असर मीडियन नर्व पर पड़ रहा है।
शुरुआती संकेत—इन्हें हल्के में न लें
✔ कलाई में चुभन
✔ टाइपिंग/चैटिंग के बाद उंगलियों में झुनझुनी
✔ रात को दर्द बढ़ना
✔ सुबह उंगलियों का अकड़ जाना
✔ पकड़ कमजोर होना
कैसे बचें? विशेषज्ञों की सलाह
📌 हर 35–40 मिनट में छोटा ब्रेक लें
📌 मोबाइल को तिरछा पकड़कर न चलाएं
📌 कलाई की नियमित स्ट्रेचिंग करें
📌 लंबे समय तक गेमिंग और लगातार चैटिंग से बचें
📌 कीबोर्ड–माउस की पोजीशन सही रखें
