✅ केंद्र सरकार के कर्मचारियों को NPS और UPS में अब मिलेंगे 2 नए निवेश विकल्प
पेंशन नियामक PFRDA ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए NPS/UPS में दो नए ऑटो-चॉइस निवेश विकल्प जोड़ दिए हैं। पहले केवल 4 विकल्प थे — अब कुल 6 विकल्प हो गए हैं।
इस कदम का मकसद कर्मचारियों को उनकी उम्र, जोखिम क्षमता और भविष्य की ज़रूरतों के अनुसार बेहतर और विविध निवेश विकल्प देना है।
🔵 नए जोड़े गए दो विकल्प
1️⃣ Auto Choice – Life Cycle 75 (High Risk – LC75)
- 35 वर्ष की उम्र तक 75% इक्विटी (शेयर बाजार) में निवेश
- 55 वर्ष तक धीरे-धीरे इक्विटी घटकर 15% रह जाएगी
- ✔ किसके लिए बेहतर:
- युवा कर्मचारी
- लंबी अवधि का निवेश
- अधिक जोखिम उठाने की क्षमता वाले
- शेयर बाजार से अच्छे रिटर्न की उम्मीद वाले
2️⃣ Auto Choice – Life Cycle Aggressive (Medium Risk – LC50)
- 45 वर्ष तक 50% हिस्सा इक्विटी में
- 55 वर्ष तक यह धीरे-धीरे घटकर 35% हो जाएगा
- ✔ किसके लिए बेहतर:
- मध्यम जोखिम लेने वाले
- स्थिर लेकिन अच्छे रिटर्न की चाह रखने वाले
- मिड-टर्म निवेश योजना वाले
🟢 क्यों किया गया बदलाव?
पहले सरकारी कर्मचारियों के पास बहुत सीमित विकल्प थे और इक्विटी निवेश की सीमा भी कम थी।
अब—
- जोखिम क्षमता के अनुसार सही विकल्प चुन पाएंगे
- इक्विटी में अधिक निवेश → लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न के अवसर
- उम्र के अनुसार निवेश स्वतः सुरक्षित होता जाएगा
🔶 मौजूदा 4 पुराने विकल्प (जो पहले से उपलब्ध हैं)
1. Default Scheme (Low Risk)
- तीन पेंशन फंड मैनेजर तय करते हैं
- सरकारी बॉन्ड में निवेश अधिक
- रिटर्न स्थिर लेकिन कम जोखिम
2. Active Choice
- कर्मचारी खुद तय करते हैं कि कितना पैसा कहाँ लगेगा
3. Auto Choice – Life Cycle 25 (Low Risk)
- 25% इक्विटी 35 साल तक
- बाद में 55 वर्ष तक इक्विटी घटकर 5% रह जाती है
4. Auto Choice – Life Cycle 50 (Medium Risk)
- 35 वर्ष तक 50% इक्विटी
- 55 वर्ष तक घटकर 10% रह जाता है
⚠️ एक्सपर्ट की सलाह
- इक्विटी में ज़्यादा निवेश → रिटर्न ज़्यादा
- लेकिन जोखिम भी ज्यादा
- इसीलिए नया विकल्प चुनने से पहले—
✔ अपनी उम्र
✔ जोखिम क्षमता
✔ वित्तीय ज़रूरत
✔ रिटायरमेंट प्लान
इन सभी का आकलन ज़रूर करें।
