दुःखद: एसआईआर ड्यूटी पर लगे दो बीएलओ ने की आत्महत्या — गोंडा और फतेहपुर में तनाव का आरोप 😔

विपिन यादव और सुधीर (फाइल फोटो) — गोंडा / फतेहपुर

दुःखद: एसआईआर ड्यूटी पर लगे दो बीएलओ ने की आत्महत्या — गोंडा और फतेहपुर में तनाव का आरोप 😔

गोंडा/फतेहपुर, हिटी — विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान ड्यूटी पर लगे दो बीएलओ — एक शिक्षक और एक लेखपाल — ने मंगलवार को आत्महत्या कर ली। परिवार और स्थानीय लोगों का आरोप है कि दोनों पर काम का भारी दबाव था। 🕊️

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स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जौनपुर के थाना सरायख्‍याजा निवासी विपिन यादव (सुरेश चन्द्र यादव के पुत्र) की तैनाती 2024 में नवाबगंज क्षेत्र के जैतपुर प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के तौर पर हुई थी और उनकी ड्यूटी मनकापुर विधानसभा में बीएलओ के रूप में थी। मंगलवार सुबह विपिन घर से निकले — रास्ते में उनकी तबीयत खराब हो गई और उन्हें मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। 🏥

दूसरी घटना फतेहपुर (बिंदकी, खजुहा) की है जहाँ सुधीर (25), जो लेखपाल थे और रामलाल कोरी के पुत्र थे, ने शादी से एक दिन पहले घर में फांसी लगाकर जान दे दी। सुधीर की शादी 26 नवंबर को तय हुई थी। परिजनों का कहना है कि एसआईआर में सुपरवाइज़र के रूप में उनकी ड्यूटी लगी हुई थी और शादी की तैयारी के बावजूद उनपर काम का दबाव बना रहा। ⚠️

🔍 Quick Facts — क्या हुआ?

  • प्रकरण 1: विपिन यादव — गोंडा क्षेत्र में बीएलओ, संदिग्ध परिस्थिति में जहर सेवन; बाद में इलाज के दौरान मृत्यु।
  • प्रकरण 2: सुधीर (25) — फतेहपुर में लेखपाल व एसआईआर सुपरवाइज़र; शादी से एक दिन पहले फांसी लगाकर आत्महत्या।
  • परिजन/स्थानीय: दोनों मामलों में परिजन और स्थानीय लोगों ने काम के दबाव का आरोप लगाया है।
  • प्रशासनिक कदम: दोनों ही जिलों में जिला प्रशासन/डीएम/एडीएम ने जाँच के आदेश दिए हैं।

घटना का क्रम और स्थानीय प्रतिक्रिया

बताया जा रहा है कि विपिन की हालत अचानक बिगड़ी — उन्हें पहले नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया और फिर केजीएमयू, लखनऊ रेफर किया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। वायरल वीडियो में विपिन ने बताया कि उन पर बीएलओ के काम का दबाव था — हालांकि मीडिया हाउस ने वायरल वीडियो की प्रमाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है। 📹

फतेहपुर के मामले में परिजन कहते हैं कि सुधीर पर लगातार काम के निर्देश और दबाव आ रहा था। मंगलवार सुबह कानूनगो/सुपरवाइज़री अधिकारियों द्वारा निलंबन या कार्रवाई की चेतावनी देने जैसी घटना भी बताई जा रही है, जिसे परिजन आत्महत्या के एक कारण के रूप में उजागर कर रहे हैं। 🚨

प्रशासनिक कार्रवाई और जांच

दोनों जिलों के जिला प्रशासन ने घटनाओं की स्वतंत्र और तेज़ सीबीआई/स्थानीय पुलिस स्तर पर जांच के आदेश दिए हैं। डीएम प्रियंका निरंजन ने गोंडा मामले की जांच के निर्देश जारी किए हैं, जबकि फतेहपुर में भी एडीएम ने मामले की तफ्तीश का आदेश दिया है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ⚖️

परिवारों की पीड़ा और समुदाय की मांगें

परिजनों ने दावा किया है कि लगातार काम का दबाव, ड्यूटी-लॉग और अनुपस्थिति/अधूरी छुट्टियों को लेकर कड़ी कार्रवाई के डर ने बीएलओ पर मानसिक दबाव बढ़ाया। ग्रामीण और सहकर्मी अब निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की मांग कर रहे हैं। 🕯️

“हम न्याय चाहते हैं — हमारे बच्चों को क्यों कमज़ोर कर दिया गया?” — (परिजन कथन)

क्या सुधार आवश्यक हैं? — सुझाव

  1. चुनावी/एसआईआर कार्यों के दौरान कर्मचारियों पर लगने वाले दवाब को कम करने के लिए स्पष्ट टाइमलाइन और सहायतायें प्रदान करें।
  2. किसी भी अनुशासनात्मक प्रक्रिया से पहले समझाइश और मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
  3. ड्यूटी-आउटसोर्सिंग, अतिरिक्त शिफ्ट या ओवरटाइम का उचित मुआवजा और रिकॉर्ड सुनिश्चित किया जाए।
  4. घटनाओं की पारदर्शी जांच व दोषियों पर त्वरित कार्रवाई।
नोट: यह रिपोर्ट स्थानीय जानकारी और परिजनों/स्थानीय सूत्रों पर आधारित है। प्रशासनिक जांच के आधिकारिक परिणाम आने पर लेख में अपडेट किया जाएगा।

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टैग: एसआईआर, बीएलओ, गोंडा, फतेहपुर, आत्महत्या, चुनावी कार्य

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