जस्टिस सूर्यकांत बने भारत के 53वें Chief Justice of India — शपथ से लेकर पहले दिन की कार्यवाही तक पूरी खबर 🇮🇳⚖️
सरकारी कलम — विशेष रिपोर्ट
भारत को नया प्रधान न्यायाधीश (CJI) मिल गया है। जस्टिस सूर्यकांत ने सोमवार को भारत के 53वें CJI के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें राष्ट्रपति भवन में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह शपथ हिंदी में, ईश्वर के नाम पर ली गई।
वे लगभग 15 महीने तक इस पद पर रहेंगे और 9 फरवरी 2027 को सेवानिवृत्त होंगे। उन्होंने जस्टिस बी. आर. गवई का स्थान लिया है।
🏛️ ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह
- शपथ के तुरंत बाद जस्टिस सूर्यकांत ने अपने परिवार के बड़े-बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
- पहली बार ऐसा हुआ कि अन्य देशों के जज भी भारत के CJI के शपथ ग्रहण में मौजूद रहे।
- शामिल देशों के जज:
भूटान, केन्या, मलेशिया, ब्राज़ील, मॉरीशस, नेपाल, श्रीलंका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, सुप्रीम कोर्ट के कई न्यायाधीश और गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
शपथ के बाद PM मोदी ने X (पूर्व ट्विटर) पर शुभकामनाएँ दीं।
👨⚖️ जस्टिस सूर्यकांत का न्यायिक सफर
- 24 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बने
- 30 अक्टूबर 2025 को उन्हें अगला CJI नामित किया गया
- CJI बनने के बाद वे सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुँचे और महात्मा गांधी व डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि दी
⚖️ पहला दिन: 17 मामलों की सुनवाई
CJI सूर्यकांत ने कार्यभार संभालते ही लगभग दो घंटे में 17 मामलों की सुनवाई की।
उनकी पीठ में जस्टिस:
- जॉयमाल्या बागची
- अतुल एस. चंदुरकर
🔹 मेशनिंग (तत्काल सुनवाई आवेदन) पर नई व्यवस्था
उन्होंने स्पष्ट किया:
- केवल बहुत विशेष और अर्जेंट मामलों को छोड़कर,
- अब मेंशनिंग स्लिप लिखित रूप में देनी होगी
- रजिस्ट्री पहले कारणों की जांच करेगी, फिर ही तत्काल सुनवाई तय होगी
यह न्यायालय की कार्यप्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
🏛️ कोलेजियम संरचना: 15 महीनों में केवल 1 बदलाव
सुप्रीम कोर्ट की नियुक्ति और ट्रांसफर प्रणाली (कोलेजियम) में शामिल होंगे:
- CJI सूर्यकांत
- जस्टिस विक्रम नाथ
- जस्टिस बी.वी. नागरत्ना
- जस्टिस जे.के. महेश्वरी
- जस्टिस एम.एम. सुंद्रेश
🔄 केवल एक बदलाव
- 28 जून 2026 को जस्टिस जे.के. महेश्वरी सेवानिवृत्त होंगे
- उनकी जगह जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा शामिल होंगे
🗳️ राजनीतिक दलों को नकद चंदा देने के कानून पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया
CJI सूर्यकांत की बेंच ने नहीं—
बल्कि जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने इस याचिका पर नोटिस जारी किया।
याचिका में मांग
- राजनीतिक दलों को ₹2000 से कम के गुमनाम नकद चंदे की अनुमति देने वाले आयकर अधिनियम की धारा को अवैध घोषित किया जाए
- कहा गया कि इससे
- चुनावी पारदर्शिता कमजोर होती है
- जनता को यह नहीं पता चलता कि कौन किस पार्टी को चंदा दे रहा है
- मतदाता “जानकारी आधारित निर्णय” नहीं ले पाते
सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर पूछा:
- केंद्र सरकार
- चुनाव आयोग
- और अन्य पक्ष
से 4 सप्ताह में जवाब मांगा।
जब कोर्ट ने पूछा कि हाईकोर्ट क्यों नहीं गए, तो याचिकाकर्ता ने कहा कि यह मसला पूरे देश के सभी राजनीतिक दलों से जुड़ा है, इसलिए सीधे सुप्रीम कोर्ट आए।
📌 समाचार का सार
- जस्टिस सूर्यकांत ने CJI के रूप में ऐतिहासिक तरीके से हिंदी में शपथ ली
- उनका कार्यकाल 15 महीनों का होगा
- पहले दिन 17 केस सुने और मेंशनिंग पर नई व्यवस्था लागू की
- कोलेजियम में केवल एक बदलाव होगा
- एक अलग पीठ ने नकद चंदा मामले पर केंद्र व चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया
