बच्चों व शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति के संबंध में

📝 सरकारी कलम विशेष रिपोर्ट
📌 UP Board ने सख्त रुख अपनाया – अब हर स्कूल में 100% ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य!
📅 दिनांक: 19 नवंबर 2025


उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने एक बार फिर सभी विद्यालयों को साफ संदेश दे दिया है—अब लापरवाही नहीं चलेगी।
छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और शिक्षणेतर कर्मचारियों की दैनिक ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर परिषद ने सख़्त निर्देश जारी किए हैं।

परिषद कार्यालय द्वारा जारी पत्र (पत्रांक 927/2025-26, दिनांक 19.11.2025) में स्पष्ट कहा गया है कि कई विद्यालय अभी भी नियमित रूप से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं, जबकि इसके लिए 4 नवंबर 2025 को ही दिशा-निर्देश भेजे जा चुके थे।


🔍 क्या पाया गया समीक्षा में?

19 नवंबर 2025 को जब ऑनलाइन उपस्थिति डेटा की समीक्षा की गई, तो यह सामने आया कि—

  • कई राजकीय विद्यालय
  • कई अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय
  • तथा स्ववित्तपोषित संस्थान

अभी भी ऑनलाइन उपस्थिति पोर्टल/मोबाइल ऐप का उपयोग नहीं कर रहे हैं।

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यह स्थिति परिषद के निर्देशों के प्रतिकूल है और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता व निगरानी पर सीधे असर डालती है।


📌 जिला विद्यालय निरीक्षकों को बड़ा निर्देश

परिषद ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को एक बार फिर कड़े शब्दों में निर्देशित किया है कि—

✔ सूची में दर्ज सभी स्कूलों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही करें
✔ हर विद्यालय में 100% ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित कराएं
✔ नियमों का पालन न करने वाले विद्यालयों को स्पष्ट चेतावनी या उचित कार्रवाई दी जाए
✔ निगरानी रिपोर्ट परिषद को भेजी जाए

इसके साथ परिषद ने उन विद्यालयों की जनपदवार सूचियाँ भी संलग्न की हैं जो ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं।


🎯 ऑनलाइन उपस्थिति क्यों है ज़रूरी?

ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली से—

  • 🎓 छात्रों की नियमितता पर निगरानी
  • 👨‍🏫 शिक्षकों एवं स्टाफ की उपस्थिति में पारदर्शिता
  • 🏫 विद्यालयों में अनुशासन और गुणवत्ता सुधार
  • 📲 रीयल-टाइम डेटा उपलब्धता
  • 📝 फर्जी उपस्थिति पर रोक

जैसी व्यवस्थाएँ मजबूत होती हैं।

UP Board अब पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने के मिशन पर है।


⚠️ आगे क्या होगा?

यदि विद्यालय निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो—

  • विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई
  • संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही
  • निरीक्षण बढ़ाए जाने की संभावना
  • परिषद की ओर से कठोर कदम

जैसी स्थितियाँ बन सकती हैं।


🗣️


📎 निष्कर्ष

UP Board ने साफ कर दिया है—
अब उपस्थितियों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
हर विद्यालय को तुरंत ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था को अपनाना होगा, अन्यथा कार्रवाई तय है।


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