दिल्ली धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट — प्रयागराज में भी शुरू हुई संदिग्धों की तलाश 🚨 | सरकारी कलम
दिल्ली में हुए धमाके के बाद पूरे देश की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इसी कड़ी में प्रयागराज में भी पुलिस, एटीएस और खुफिया एजेंसियों ने संदिग्धों की तलाश तेज कर दी है। खासतौर पर मदरसों, मेडिकल कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में काम कर रहे शिक्षकों व छात्रों की गहन जांच शुरू हो गई है।
🔍 एटीएस ने मांगी सभी मदरसों व मेडिकल कॉलेज से जानकारी
दिल्ली धमाके की जांच में यह सामने आया कि आतंकी मॉड्यूल से जुड़ी डॉ. शाहीन ने प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस व एमडी किया था। इसके बाद एजेंसियां और भी सतर्क हो गईं।
इस वजह से एटीएस ने:
- प्रयागराज के सभी 206 मदरसों से शिक्षकों व छात्रों का पूरा विवरण मांगा है
- किस मदरसे में कितने विद्यार्थी हैं
- किसी शिक्षक/छात्र का जम्मू-कश्मीर से संबंध तो नहीं?
- क्या किसी के रिश्तेदार पाकिस्तान में रहते हैं?
- क्या किसी शिक्षक या सदस्य ने हाल में पाकिस्तान या किसी अन्य विदेशी देश की यात्रा की है?
इसी प्रकार मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को भी एक विस्तृत प्रपत्र भेजा गया है, जिसमें हर शिक्षक और छात्र की पूरी जानकारी देने को कहा गया है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कृष्ण मुरारी ने बताया कि
➡️ मौलवियों, कर्मचारियों और प्रबंधकों का पूरा ब्योरा एकत्र किया जा रहा है।
🏥 प्रयागराज मेडिकल कॉलेज पर भी बढ़ी निगरानी
धमाके के बाद खुफिया एजेंसियां पहले ही मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज पहुंच चुकी थीं और डॉ. शाहीन से जुड़ी जानकारी जुटाई थी। अब शासन के निर्देश पर:
- कॉलेज में कुल कितने शिक्षक हैं
- कितने छात्र पढ़ रहे हैं
- किसका बैकग्राउंड क्या है—
सबका डेटा मांगा गया है।
⚠️ प्रयागराज — आतंकीय गतिविधियों से जुड़ा पुराना इतिहास
हालांकि प्रयागराज में अब तक कोई बड़ी आतंकी वारदात नहीं हुई है, लेकिन यहां आतंकियों का आशियाना जरूर रहा है।
👉 वर्ष 2006 वाराणसी सीरियल ब्लास्ट — फूलपुर का आतंकी वलीउल्लाह गिरफ्तार
👉 2022 करेली का जीशान — आतंकी मॉड्यूल से कनेक्शन, गिरफ्तार
इन मामलों के बाद प्रयागराज सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर हमेशा से रहा है।
🔐 एजेंसियों का उद्देश्य — सुरक्षा को मजबूत करना
दिल्ली धमाके के बाद यह कदम सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एटीएस द्वारा मांगी गई जानकारी:
- संभावित संदिग्धों की पहचान
- संदिग्ध नेटवर्क पर नजर
- मदरसों व मेडिकल संस्थानों की गतिविधियों की पारदर्शिता
- किसी भी आतंक-संबंधी गतिविधि की रोकथाम
इन सभी उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है।
📝 निष्कर्ष
प्रयागराज में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं। मदरसों और मेडिकल कॉलेजों से मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि कोई भी चूक नहीं होने दी जाएगी।
देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है।
