शिक्षामित्रों व अनुदेशकों की समस्याओं को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने उठाई आवाज़, मानदेय बढ़ोतरी व चिकित्सा सुविधा की रखी मांग 📝👨🏫
बेसिक शिक्षा विभाग में लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा से मिला। बैठक में प्रतिनिधियों ने साफ तौर पर कहा कि बढ़ती महंगाई और कार्य परिस्थितियों को देखते हुए अब सरकार को इनकी समस्याओं पर ठोस फैसला लेना चाहिए।
⭐ शिक्षामित्रों की प्रमुख समस्याएं और मांगें
प्रतिनिधिमंडल में शामिल शिक्षामित्र संघ के महामंत्री सुशील यादव ने कहा कि:
✔️ 1. मानदेय बढ़ोतरी की तत्काल जरूरत
मौजूदा मानदेय महंगाई के इस दौर में पर्याप्त नहीं है। कई शिक्षामित्र परिवार चलाने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं।
✔️ 2. तबादला शासनादेश लागू नहीं हुआ
3 जनवरी 2025 के तबादला शासनादेश के क्रियान्वयन न होने की वजह से:
- हजारों शिक्षामित्र अभी भी 80–90 किमी दूर स्कूलों में पढ़ाने को मजबूर हैं।
- इससे आर्थिक, पारिवारिक और मानसिक भार लगातार बढ़ रहा है।
✔️ 3. कैशलेस मेडिकल सुविधा का दायरा बढ़े
उन्होंने मांग की कि:
- शिक्षामित्रों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू की जाए।
- केवल कर्मचारी ही नहीं, परिवार के सदस्य भी इस सुविधा में शामिल हों।
यह सुविधा लंबे समय से उनकी शीर्ष मांगों में से एक है।
⭐ अनुदेशकों की मांगें भी रखी गईं
प्रतिनिधिमंडल ने अनुदेशक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह की ओर से भी कई मुद्दे उठाए।
✔️ 1. मानदेय में बढ़ोतरी
अनुदेशकों ने स्पष्ट कहा कि वर्तमान मानदेय उनके कार्य और जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं है।
✔️ 2. चिकित्सा सुविधा की मांग
उन्होंने भी शिक्षामित्रों के समान कैशलेस मेडिकल सपोर्ट देने पर जोर दिया।
⭐ अपर मुख्य सचिव का आश्वासन 🙏
अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने दोनों वर्गों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि:
- जल्द ही सकारात्मक कार्यवाही की जाएगी।
- विभाग इन मांगों पर तत्काल स्तर पर विचार करेगा।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने विशेष सचिव अवधेश तिवारी और महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी से भी मुलाकात कर अनुदेशकों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की।
⭐ शिक्षक समाज की उम्मीदें बढ़ीं
शिक्षामित्रों व अनुदेशकों का कहना है कि वे वर्षों से सेवा दे रहे हैं और अब समय आ गया है कि सरकार उन्हें आर्थिक सुरक्षा तथा स्वास्थ्य सुविधाओं में राहत दे।
इस मुलाकात के बाद शिक्षक समाज में उम्मीदें और मजबूत हुई हैं कि जल्द कोई ठोस निर्णय सामने आएगा।
