एसआईआर: दो जगह फॉर्म भरा तो होगी एक साल की जेल की सजा
लखनऊ।
चुनाव आयोग ने मतदाताओं को सख्त चेतावनी दी है कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) के दौरान दो अलग-अलग स्थानों से फॉर्म न भरें।
अगर किसी व्यक्ति ने दो जगहों से गणना प्रपत्र (फॉर्म) भर दिया, तो उसके खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कार्रवाई होगी, जिसमें—
✔ एक साल तक की जेल या
✔ जुर्माना,
या दोनों सज़ाएं शामिल हो सकती हैं।
पुश्तैनी गांव + शहर या दो राज्यों में नाम? सिर्फ एक जगह से फॉर्म भरें
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि—
- कई लोगों का नाम गांव और शहर दोनों जगह वोटर सूची में दर्ज है।
- कुछ का नाम दो अलग राज्यों की वोटर सूची में है (जैसे यूपी+दिल्ली या यूपी+महाराष्ट्र)।
➡ लेकिन SIR में केवल एक जगह से ही फॉर्म भरना है।
क्योंकि इस बार चुनाव आयोग ने डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम बना दिया है, जिससे दो बार फॉर्म भरने वाले तुरंत पकड़ लिए जाएंगे।
बीते 27 अक्टूबर को वोटर लिस्ट फ्रीज
अब जिस स्थान की वोटर लिस्ट में आपका नाम दर्ज है, उसी जगह से फॉर्म जमा करें।
➡ अगर कोई यूपी का वोटर मुंबई/दिल्ली में रह रहा है और वहां वोटर लिस्ट में नाम है,
तो उसे यूपी में SIR फॉर्म नहीं भरना चाहिए।
SIR का असली उद्देश्य
- मृत मतदाताओं के नाम हटाना
- दोहरे नाम (duplicate voters) हटाना
- गलत या फर्जी वोटों को खत्म करना
प. बंगाल में एआई करेगा फर्जी/डुप्लीकेट वोटरों की पहचान
कोलकाता से बड़ी खबर—
- चुनाव आयोग ने AI आधारित सत्यापन प्रणाली शुरू की है।
- AI वोटर डेटाबेस में फोटो का फेस मैच करके:
- फर्जी वोटर
- मृत लोगों की एंट्री
- एक ही व्यक्ति के कई जगह वोट होने की पहचान करेगा।
AI तकनीक इसलिए जरूरी हुई क्योंकि फोटो के दुरुपयोग की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं।
