UP शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष पद पर बड़ा बदलाव: अध्यादेश के जरिए बढ़ा चयन का दायरा, दिसंबर से पहले नए अध्यक्ष की उम्मीद कम 📑


UP शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष पद पर बड़ा बदलाव: अध्यादेश के जरिए बढ़ा चयन का दायरा, दिसंबर से पहले नए अध्यक्ष की उम्मीद कम 📑

उत्तर प्रदेश में शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) के अध्यक्ष पद के चयन को लेकर लंबे समय से चली आ रही प्रक्रिया अभी भी अधर में है। 26 सितंबर को तत्कालीन अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पाण्डेय के इस्तीफे के बाद नए अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए आवेदन तो मांग लिए गए, लेकिन साक्षात्कार कराने का निर्णय शासन स्तर पर नहीं हो पाया

उच्चस्तरीय बैठकों में भी पैनल पर सहमति न बनने के बाद सरकार ने अब अध्यक्ष चयन का दायरा बढ़ाने के लिए अधिनियम में संशोधन किया है। इसे कैबिनेट ने बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी है।


अध्यक्ष पद के लिए योग्यता में बड़ा बदलाव — IAS की शर्त हटाई गई

पहले UP शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष पद के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का अधिकारी होना अनिवार्य था।
लेकिन संशोधन के बाद अब:

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प्रमुख सचिव या समकक्ष पद पर कार्य कर चुके अधिकारी भी अध्यक्ष बन सकेंगे

इस बदलाव का उद्देश्य है —
➡ योग्य उम्मीदवारों का दायरा बढ़ाना
➡ अधिक विकल्प उपलब्ध कराना
➡ चयन प्रक्रिया को तेज करना


आवेदन प्रक्रिया दो महीने से अटकी — क्या है पूरा मामला?

  • 26 सितंबर: प्रो. कीर्ति पाण्डेय का इस्तीफा स्वीकार
  • उसी दिन नए अध्यक्ष के लिए आवेदन मांगने की प्रक्रिया शुरू
  • 21 अक्टूबर तक 26 दिनों में कुल 67 आवेदन प्राप्त हुए
  • स्क्रीनिंग में सिर्फ 37 आवेदन ही मानक के अनुरूप पाए गए
  • दो बार उच्चस्तरीय बैठक हुई, लेकिन नाम तय नहीं हो पाया

यही कारण है कि सरकार ने अब फिर से विज्ञापन जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है।


क्या दिसंबर से पहले नए अध्यक्ष की नियुक्ति संभव है?

संभावनाएँ कम दिख रही हैं।

क्योंकि:

  • नए सिरे से विज्ञापन जारी होगा
  • आवेदन के लिए भले कम समय दिया जाए, लेकिन
  • स्क्रीनिंग + साक्षात्कार + पैनल फाइनल — इन सबमें समय लगेगा

📌 निष्कर्ष:

बहुत तेजी से काम होने के बावजूद दिसंबर में ही नए अध्यक्ष की नियुक्ति होने की संभावना है।
दिसंबर से पहले निर्णय आना मुश्किल माना जा रहा है।


यह संशोधन क्यों जरूरी था?

इस बदलाव से सरकार के सामने अब अधिक व्यापक दायरे में योग्य अधिकारी उपलब्ध होंगे।
IAS की अनिवार्यता हटने के बाद अब:

  • सेवानिवृत्त प्रमुख सचिव
  • वर्तमान प्रमुख सचिव
  • समकक्ष अनुभव वाले वरिष्ठ अधिकारी

भी आवेदन कर सकेंगे।

इससे आयोग में नेतृत्व चयन अब अधिक लचीला और तेज हो सकेगा।


निष्कर्ष

UP शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष पद को लेकर अनिश्चितता अब भी बरकरार है, लेकिन संशोधन के बाद रास्ता कुछ हद तक साफ हुआ है। नए विज्ञापन के बाद ही प्रक्रिया तेजी पकड़ पाएगी।
दिसंबर के मध्य या अंत तक आयोग को नया अध्यक्ष मिलने की सबसे अधिक संभावना है।


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