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विद्यालय में ग्राम प्रधान का उत्पात: सहायक अध्यापक पर हमला, अभिलेख और कुर्सियां तक तोड़ी गईं — मेजा थाना क्षेत्र की बड़ी घटना 📚🚨
प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय सजैला पसियान नेवढ़िया में गुरुवार को एक बेहद शर्मनाक और गंभीर घटना सामने आई।
ग्राम प्रधान और उनके साथियों ने स्कूल में घुसकर सहायक अध्यापक पंकज कुमार दूबे से मारपीट की, गालियां दीं और विद्यालय के अभिलेखों व कुर्सियों को तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला? — शिक्षक को पढ़ाने के बजाय “खाली बैठने” का आरोप लगाकर हमला
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को लगभग 11:30 बजे ग्राम प्रधान नेवढ़िया अजय कुमार बिंद, अपने साथियों—
- संदीप बिंद
- जय प्रकाश बिंद
- और दो अज्ञात युवकों
के साथ विद्यालय में पहुंचे।
कथित रूप से उन्होंने स्कूल में घुसते ही शिक्षक पंकज दूबे पर आरोप लगाया कि
❝आप बच्चों को पढ़ाने के बजाय खाली बैठे हैं❞
इसी दौरान उन्होंने शिक्षक से स्कूल में कार्य कराने के लिए पैसे की व्यवस्था करने की मांग की।
शिक्षक ने मना करते हुए कहा कि वह इसकी सूचना पहले ही विभाग को दे चुके हैं और विभाग ही कार्य कराएगा, न कि किसी से अवैध रूप से पैसे लिए जाएंगे।
बस इसी बात से नाराज होकर प्रधान और उनके साथियों ने गालियां देते हुए शिक्षक पर हमला कर दिया।
जान बचाने के लिए कक्षा में छिपे शिक्षक — बाहर से धमकी, अंदर दहशत
हमले से बचने के लिए शिक्षक पंकज दूबे ने बच्चों की कक्षा में भागकर अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।
बाहर खड़े हमलावर लगातार धमकी देते रहे:
❝बाहर निकलो, नहीं तो जान से मार देंगे!❞
विद्यालय के अन्य स्टाफ ने पूरी घटना अपनी आंखों से देखी।
स्कूल का सामान तोड़ा, अभिलेख नष्ट — शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
शिक्षक को कमरे में बंद देखकर आरोपियों ने परिसर के अंदर रखे विद्यालय के:
- अभिलेख,
- कुर्सियां,
- और अन्य सामान
तोड़फोड़ कर नष्ट कर दिया।
इसी दौरान ग्राम प्रधान का सगा भाई राजकुमार बिंद भी अपनी बाइक पर मौके पर पहुंच गया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस ने दर्ज किया केस — जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही मेजा थाना पुलिस सक्रिय हुई।
शिक्षक की तहरीर पर:
✔ ग्राम प्रधान अजय बिंद
✔ उनके साथियों
✔ और अन्य अज्ञात लोगों
के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि:
- आरोप गंभीर हैं
- विद्यालय में घुसकर मारपीट, धमकी और तोड़फोड़ संगीन अपराध
- जांच तेज गति से जारी
स्कूलों में बढ़ती गुंडागर्दी पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर शिक्षा विभाग और प्रशासन के सामने बड़ा प्रश्न खड़ा कर दिया है:
- क्या शिक्षक अब सुरक्षित नहीं?
- स्कूलों में मनरेगा या अन्य कार्यों के नाम पर दबाव क्यों?
- ग्राम प्रधान जैसे पद पर बैठे लोग ही नियम तोड़ेंगे तो अनुशासन कैसे बनेगा?
यह घटना न सिर्फ एक शिक्षक पर हमले का मामला है, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था पर हमला है।
निष्कर्ष
प्राथमिक विद्यालय में इस प्रकार की गुंडागर्दी निंदनीय है और शिक्षकों के मनोबल को तोड़ने वाली है। घटना की पूरी जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग होनी चाहिए।
सरकारी कलम इस मामले से जुड़ी हर अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा।
