🎓 नई शिक्षा नीति के तहत बदलेगा बीएड का तरीका: इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अगले सत्र से शुरू होगा चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स (B.A.-B.Ed)
✍️ लेख: सरकारी कलम टीम | www.sarkarikalam.com
📘 नई शिक्षा नीति 2020 का असर — शिक्षक शिक्षा में बड़ा बदलाव
नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत अब शिक्षक बनने का रास्ता भी बदलने जा रहा है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय और उसके संघटक कॉलेजों में चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीए-बीएड (ITEP) कोर्स शुरू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
विश्वविद्यालय को इसके लिए नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर एजुकेशन (NCTE) से अनुमति मिल गई है।
🧑🏫 अब चार साल में एक साथ स्नातक और बीएड
पहले जहां बीए या बीएससी के बाद अलग से बीएड करनी पड़ती थी,
अब एक ही कोर्स में चार वर्षों में स्नातक + बीएड दोनों डिग्रियां मिलेंगी।
इस कोर्स का नाम होगा —
Integrated Teacher Education Programme (ITEP B.A.-B.Ed)
यह कार्यक्रम शिक्षक प्रशिक्षण में गुणवत्ता और व्यवहारिक समझ को मजबूत करेगा।
🏛️ इलाहाबाद विश्वविद्यालय व संघटक कॉलेजों में तैयारियां तेज़
- इलाहाबाद विश्वविद्यालय को 50 सीटों के लिए NCTE से मान्यता मिल चुकी है।
- CMP कॉलेज और एसएस खन्ना महाविद्यालय ने भी कोर्स शुरू करने के लिए प्रस्ताव भेजे हैं।
- दोनों कॉलेजों में शिक्षा शास्त्र विभाग के अंतर्गत यह पाठ्यक्रम चलेगा।
- NCTE द्वारा भेजे गए कुछ सुझावों पर काम जारी है, और उम्मीद है कि सत्र 2025-26 से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
📚 सत्र 2025-26 से लागू होंगे नए बदलाव
नई शिक्षा नीति के तहत इलाहाबाद विश्वविद्यालय में
- स्नातक पाठ्यक्रम को चार वर्षीय बना दिया गया है।
- सेमेस्टर प्रणाली लागू कर दी गई है।
अब बीएड शिक्षा भी इसी ढांचे के अनुरूप होगी ताकि शिक्षण प्रशिक्षण को आधुनिक और व्यवहारिक बनाया जा सके।
👩🎓 बीएड की बढ़ती मांग — क्यों जरूरी है यह कोर्स
माध्यमिक विद्यालयों में अब बीएड अनिवार्य हो चुका है।
- टीजीटी (Trained Graduate Teacher) पदों के लिए पहले से बीएड जरूरी है।
- अब प्रवक्ता (PGT) के लिए भी बीएड को अनिवार्य कर दिया गया है।
- राजकीय इंटर कॉलेजों में भर्ती के लिए यूपी लोक सेवा आयोग ने पहले ही बीएड योग्यता तय कर दी है।
- जल्द ही उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग 20,000 से अधिक TGT और PGT पदों की भर्ती शुरू करने जा रहा है।
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी बीएड अभ्यर्थियों के लिए अधिक अवसर मिल रहे हैं, जिससे इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
💡 ITEP कोर्स क्यों खास है?
- 🧠 एकीकृत और व्यवहारिक प्रशिक्षण
- ⏱️ समय की बचत — चार साल में दो डिग्रियां
- 🧾 NCTE द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम
- 🎯 स्कूलों में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण और नवाचार आधारित शिक्षा
- 🌍 नई शिक्षा नीति के लक्ष्य — “शिक्षा में गुणवत्ता, शोध और मानवीय मूल्य” — को साकार करता है
🪷 सरकारी कलम की राय
चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीए-बीएड कोर्स शिक्षा व्यवस्था में एक नई दिशा देने जा रहा है।
यह केवल समय की बचत नहीं बल्कि शिक्षकों को व्यावहारिक, संवेदनशील और नवोन्मेषी दृष्टिकोण से तैयार करने की पहल है।
अगर यह मॉडल सफल होता है, तो आने वाले वर्षों में यह पूरे देश में शिक्षक प्रशिक्षण की रीढ़ बन सकता है।
📌 मुख्य बिंदु:
- इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 2025-26 से चार वर्षीय बीए-बीएड कोर्स शुरू।
- CMP और SS Khanna कॉलेज में भी प्रस्ताव भेजे गए।
- NCTE से 50 सीटों की मान्यता मिली।
- नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक अब 4 वर्षीय और सेमेस्टर आधारित।
- TGT, PGT, और प्रवक्ता पदों के लिए बीएड अनिवार्य।
🖋️ “शिक्षा में नवाचार ही राष्ट्र निर्माण का सबसे मजबूत स्तंभ है।”
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