मांगे थे आवेदन — पर वेबसाइट ही नहीं खुली: 69,000 बेसिक शिक्षकों का ब्रिज-कोर्स अब भी अनिश्चित ❗️📵

मांगे थे आवेदन — पर वेबसाइट ही नहीं खुली: 69,000 बेसिक शिक्षकों का ब्रिज-कोर्स अब भी अनिश्चित ❗️📵

NBT रिपोर्ट, लखनऊ: 2020 में विवादों के बीच पूर्ण हुई 69,000 बेसिक शिक्षकों की भर्ती — अब ब्रिज-कोर्स के आवेदन और आदेश पर लंबा सन्नाटा। 🤷‍♀️

कहां अटक गया काम? — हालत साफ़ नहीं 🕵️‍♂️

NBT की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2020 में कुल 69,000 बेसिक शिक्षकों की भर्ती कई विवादों के साथ पूरी की गई थी। तब से इन शिक्षकों को ब्रिज-कोर्स का इंतजार है — जो परोक्ष रूप से उनकी शैक्षिक-मान्यता और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। सरकार ने हाल ही में ब्रिज-कोर्स करवाने के आदेश दिये थे और 1 नवंबर से आवेदन आमंत्रित करने की घोषणा की गई थी, पर अब तक:

  • न तो कोई आधिकारिक नई आदेश-पत्रिका जारी हुई है,
  • और न ही आवेदन भरने के लिये संबंधित वेबसाइट चालू हुई है।

परिणाम — शिक्षक समुदाय में उत्सुकता के साथ बढ़ती चिंता। 😟

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शैक्षिक अर्हता: बीटीसी बनाम बीएड 🎓

बेसिक शिक्षकों की भर्ती के लिए पारंपरिक रूप से बीटीसी (BTC) शैक्षिक अर्हता मानी जाती रही है। लेकिन सन् 2000 के बाद कई जगहों पर बीएड डिग्रीधारियों को भी भर्ती के लिए स्वीकार किया गया। इसका मतलब यह हुआ कि:

यदि किसी ने बीएड करके बेसिक शिक्षक के रूप में नियुक्ति प्राप्त की है, तो नियमों के अनुसार उन्हें छह महीने का ब्रिज-कोर्स करना अनिवार्य माना जा सकता है — ताकि उनकी प्रशिक्षण योग्यता और स्कूल स्तर की जरूरतें संतुलित हों।

ध्यान दें कि वर्ष 2020 की 69,000 भर्ती में भी अर्हता के तौर पर बीएड को मान्यता दी गयी थी — इसी पृष्ठभूमि के कारण ब्रिज-कोर्स की मांग लगातार उठती आ रही है। 📚

कानूनी लड़ाई और प्रशासनिक स्थिति ⚖️

इस भर्ती को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच चुका है — यानी विषय संवेदनशील होने के साथ-साथ कानूनी जटिलताओं से भी घिरा हुआ है। इसी बीच बेसिक शिक्षा परिषद ने भी अगला कदम उठाने की तैयारी बताई है।

परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी का बयान आया है कि संबंधित प्रस्ताव शासन (सरकार) को भेजा गया है — पर शासन की ओर से तात्कालिक आदेश या वेबसाइट के सक्रिय होने की कोई पुष्ट सूचना अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई। ⏳

शिक्षक समुदाय की चिंता — क्या कह रहे हैं वे? 🗣️

भर्ती बित चुकी है, पर ब्रिज-कोर्स के अभाव में कई शिक्षक अनिश्चितता में हैं — विशेषकर वे जिन्हें नियुक्ति बीएड के आधार पर मिली है। उनकी चिंता मुख्य रूप से इस पर केन्द्रित है कि:

  • क्या ब्रिज-कोर्स के बिना भविष्य में उनकी नियुक्ति/वेतन/सेवा शर्तें प्रभावित होंगी?
  • यदि आवेदन-प्रक्रिया और पोर्टल देरी से खुला तो प्रशिक्षण कब और कैसे पूर्ण होगा?
  • सरकार और शिक्षा परिषद के बीच समन्वय कब तक स्पष्ट निर्देश जारी करेगा?

किस तरह की जानकारी चाहिए — और आप क्या कर सकते हैं? 🧭

यदि आप प्रभावित शिक्षक, अभिभावक या नागरिक हैं तो निम्न कदम उपयोगी होंगे:

  1. स्थानीय बेसिक शिक्षा परिषद या जिला शिक्षण अधिकारियों से सीधे संपर्क करें।
  2. जो भी आधिकारिक सूचना आती है उसकी रिकॉर्ड-प्रतियाँ संभाल कर रखें (आदेश, ईमेल, नोटिफिकेशन)।
  3. समूहों/संघों में मिलकर समन्वित आवाज उठाएँ — सामूहिक आग्रह अक्सर तेज़ प्रभाव डालता है।

🔔 नोट: आवेदन-वेबसाइट और आधिकारिक आदेश के लिए संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट तथा नोटिफिकेशन को नियमित रूप से चेक करें।

संक्षेप में — मुख्य बिंदु 📌

  • 2020: 69,000 बेसिक शिक्षकों की भर्ती विवादों के साथ पूरी हुई।
  • ब्रिज-कोर्स: सरकार ने निर्देश दिए और 1 नवंबर से आवेदन मांगे जाने की बात कही गई — पर वेबसाइट अभी चालू नहीं हुई।
  • शैक्षिक अर्हता: बीटीसी पारंपरिक योग्यता; 2000 के बाद बीएड वालों को भी भर्ती के लिए स्वीकार किया गया — इसलिए ब्रिज-कोर्स की आवश्यकता पर बहस बनी हुई है।
  • कानून: मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया हुआ है।
  • स्थिति: बेसिक शिक्षा परिषद ने शासन को प्रस्ताव भेजा — पर आदेश/वेबसाइट की प्रतीक्षा जारी है।

हमारी सिफारिश: आधिकारिक सूचना का भरोसा रखें और यदि आप प्रभावित हैं तो स्थानीय शिक्षा परिषद से लिखित पुष्टि/अपडेट माँगें। 📝

सूत्र: NBT रिपोर्ट (लखनऊ) तथा बेसिक शिक्षा परिषद के बयानों के संदर्भ पर आधारित संकलन। नवीनतम आधिकारिक आदेश/वेबसाइट अपडेट के बाद यह लेख अपडेट किया जाएगा। 🔍

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