⚠️ ठगी के आरोप में सरकारी शिक्षक की जांच — अपराध शाखा ने शुरु किया कदम
क्या संदर्भ है?
शिकायतकों का कहना है कि फखरपुर के रहने वाले शिक्षक शरद कुमार मौर्य ने अपने मित्र और रिश्तेदारों के साथ मिलकर ABMPL नाम से एक मोबाइल ऐप और कम्पनी बनाई। लोगों को प्रति माह 5% से 10% तक ब्याज देने का लालच देकर काफी रकम कंपनी में जमा करायी गई। जब कई माह तक वादित ब्याज और मूलधन का भुगतान नहीं हुआ तो निवेशकों ने हक की माँग शुरू की और अन्ततः 27 अक्टूबर को एसपी कार्यालय में शिकायत दी।
आरोपित और पीड़ित — कौन-कौन जुड़े?
शिकायतपत्रों में जिन पीड़ितों के नाम उलेखित हैं उनमें शामिल हैं —
- राम गोपाल सिंह
- सूरज सिंह
- सौरभ पांडेय
- अक्षय श्रीवास्तव
- प्रदीप श्रीवास्तव (विधि छात्र)
- आशीष राजभर
- फैज और अन्य कई लोग
आरोपियों के रूप में शिकायत में जिन नामों का जिक्र है —
- शरद कुमार मौर्य (शिक्षक, फखरपुर)
- पुष्पेन्द्र मौर्य (थाना कादरचौक, बदायूं)
- सचिन
- राधेश्याम
- कोमल
- मंजू
- वंदना
पुलिस क्या कर रही है?
एसपी रामनयन सिंह ने पीड़ितों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए। इसके बाद सीओ (अपराध) पवन कुमार को जांच सौंपी गयी। सीओ ने बताया:
“पुलिस अधीक्षक द्वारा मुझे 6 मामले की जांच सौंपी गई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। पीड़ितों ने कई अहम साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं जो जांच में कारगर साबित होंगे।”
जांच के दायरे में दोनों — डिजिटल सबूत (ऐप/लेन-देन रिकॉर्ड) और विरोधी पक्ष के विरुद्ध साक्ष्य इकट्ठे करना शामिल है।
पीड़ितों की शिकायत — वसूली व धमकियाँ
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुल एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम कंपनी में जमा कराई गयी, पर भुगतान बंद हो गया। एसपी से शिकायत करने पर आरोपितों ने पीड़ितों को जान-माल की धमकी देकर फर्जी मुकदमों में फंसाने की साजिश करने की कोशिश की — यह भी शिकायत में उल्लेखित है। पुलिस अब इस तरह की किसी भी धमकी व दबाव के मामले की भी जाँच कर रही है।
क्या करें यदि आप भी प्रभावित हैं? — सलाह और कदम
- सबूत सुरक्षित रखें: ऐप के स्क्रीनशॉट, लेन-देन के रिकॉर्ड, बैंक स्टेटमेंट और किसी भी लिखित संचार की प्रति संभालकर रखें।
- तुरंत शिकायत दर्ज कराएँ: अगर आप भी इसी तरह के जाल में फँसे हैं तो निकटतम थाने/अपराध शाखा में शिकायत दर्ज करायें और मौजूदा केस में अपना विवरण दें।
- कानूनी सलाह लें: आर्थिक धोखाधड़ी के मामलों में वकील से सलाह लेना उपयोगी होता है।
- धमकी मिलने पर प्रमाण जुटायें: धमकी कॉल/मैसेज को सुरक्षित रखें और पुलिस को दें — यह स्वतंत्र आरोपों की पुष्टि में सहायक होगा।
किसी भी जानकारी के लिए
यदि आप इस मामले से संबंधित कोई जानकारी प्रदान करना चाहते हैं या आप स्वयं पीड़ित हैं, तो जिला अपराध शाखा/थाना से संपर्क कर मामले की जानकारी दें — ताकि जांच और तेज़ी से आगे बढ़ सके और जिम्मेवार लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई हो। 🚨
