✨ शिक्षकों को अब तक नहीं मिली कैशलेस उपचार सुविधा! आदेश जारी होने का इंतजार जारी 😟

✨ शिक्षकों को अब तक नहीं मिली कैशलेस उपचार सुविधा! आदेश जारी होने का इंतजार जारी 😟

लखनऊ, प्रमुख संवाददाता।
दीपावली को बीते 10 दिन गुजर चुके हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सकीय सुविधा प्रदान करने का शासनादेश अब तक जारी नहीं हो सका है। जबकि स्वयं राज्य सरकार ने वादा किया था कि यह सुविधा दीपावली से पहले लागू कर दी जाएगी।

🌐 क्या था सरकार का वादा?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) पर घोषणा की थी कि प्रदेश के सभी शिक्षक, शिक्षा मित्र, अनुदेशक और रसोइयों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

➡️ इस योजना से करीब 11 लाख से अधिक परिवार और 60 लाख से अधिक लाभार्थी सीधे लाभान्वित होंगे।

⏳ आदेश में देरी से बढ़ी शिक्षकों की बेचैनी

लाखों शिक्षकों में इस देरी को लेकर अब निराशा और चिंता बढ़ने लगी है। कई शिक्षक और उनके परिवारजन ऐसी स्थिति में हैं, जिन्हें तुरंत इलाज की जरूरत है, लेकिन आर्थिक कमजोरी इलाज के रास्ते में बड़ी बाधा बनी हुई है।

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💬 शिक्षकों की पीड़ा — “पैसे की कमी जान ले रही है…”

– निर्भय सिंह, उपाध्यक्ष, यूपी प्राथमिक शिक्षक संघ
“वर्तमान में ही सैकड़ों शिक्षकों और शिक्षिकाओं को इलाज की अत्यधिक जरूरत है। कई लोग पैसों के अभाव में ऑपरेशन नहीं करा पा रहे। यदि सुविधा जल्द शुरू हो जाए तो कई लोगों की जान बच सकती है।”

📌 दर्द की एक वास्तविक कहानी

बाराबंकी के बनीकोडर ब्लॉक में कार्यरत सहायक अध्यापक बालकरन न्यूरो संबंधी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। न्यूरोलॉजिस्ट ने ऑपरेशन की सलाह दी है, लेकिन साढ़े तीन लाख रुपये की लागत के कारण अभी तक उनका ऑपरेशन नहीं हो सका।

👉 अगर यह कैशलेस सुविधा समय पर मिल जाती, तो शायद उनका इलाज बिना देरी शुरू हो सकता था।

🚑 आखिर कब मिलेगी राहत?

सरकार की ओर से यह पहल शिक्षकों के लिए बड़ी सहूलियत और जीवनरक्षक साबित होगी, लेकिन आदेश जारी होने में विलंब ने निराशा बढ़ा दी है।

शिक्षक संगठन मांग कर रहे हैं कि:

  • 📜 शासनादेश तुरंत जारी किया जाए
  • 🏥 सभी सरकारी व मान्यता प्राप्त अस्पतालों में कैशलेस सुविधा लागू की जाए
  • 💡 हेल्पलाइन और प्रबंधन तंत्र तेज़ी से स्थापित हो

✅ उम्मीद की किरण

सरकार की घोषणा बड़े बदलाव का संकेत है। उम्मीद है कि प्रशासन जल्द निर्णय लेकर इसे लागू करेगा और शिक्षकों को स्वास्थ्य सुरक्षा का वास्तविक लाभ दिलाएगा।


📝 निष्कर्ष :
शिक्षकों का धैर्य टूटने लगा है। अब सरकार के निर्णय का इंतजार है कि कैशलेस इलाज कब वास्तव में धरातल पर लागू होगा

🙏 शिक्षक समाज कह रहा है —
“हम पढ़ाते हैं, देश बनाते हैं… बस हमारे स्वास्थ्य का ध्यान रखिए।”

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