उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)
🗳️ 22 साल बाद यूपी में फिर से SIR शुरू
प्रदेश में 22 साल बाद (2003 के बाद पहली बार) विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया शुरू हो रही है। इस दौरान मतदाता सूची को पूरी तरह से अपडेट और सत्यापित किया जाएगा।
📊 मुख्य आंकड़े
- कुल मतदाता: 15.44 करोड़
- 70% मतदाताओं को दस्तावेज़ दिखाने की ज़रूरत नहीं होगी।
- इनमें से:
- 48% मतदाताओं के नाम सीधे सूची में शामिल हैं।
- बाकी के नाम माता-पिता या परिवार के अन्य अभिलेखों से सत्यापित किए जाएंगे।
⚙️ प्रक्रिया का उद्देश्य
- मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना
- पात्र लोगों के नाम जोड़ना
- अपात्र या मृत व्यक्तियों के नाम हटाना
- किसी भी व्यक्ति को बिना कारण नाम कटने की समस्या से बचाना
📅 कब हुआ था पिछला SIR
- आख़िरी बार वर्ष 2003 में विशेष गहन पुनरीक्षण हुआ था।
- यानी लगभग 22 साल बाद यह व्यापक अभियान फिर से चलाया जा रहा है।
✅ लोगों को मिलने वाली राहत
- अधिकांश मतदाताओं को अब दस्तावेज़ दिखाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
- जिनका नाम पहले से पंजीकृत है, उनके लिए स्वचालित सत्यापन (auto verification) की सुविधा लागू होगी।
