गड़बड़झाला: मरने के बाद भी पेंशन आती रही — आगरा मंडल के 650+ मामलों में ₹2.77 करोड़ अतिरिक्त पहुँचा 💸⚠️
आगरा: आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में हालिया सत्यापन के दौरान ऐसे 650 से अधिक पेंशनर्स मिले जिनकी मृत्यु के बाद भी उनके बैंक खातों में पेंशन जमा होती रही। कुल मिलाकर इन खातों में ₹2.77 करोड़ अतिरिक्त पहुंचे — जिनमें से अब तक ≈₹2.42 करोड़ वसूल कर कोषागार में जमा कराए जा चुके हैं। 🏛️
क्या हुआ — मामला संक्षेप में 👇
कई परिवारों ने अपनी परिजनों की मृत्यु की सूचना कोषागार को नहीं दी, जिससे सरकारी प्रणाली ने पेंशन भेजना जारी रखा। कोषागार द्वारा जब यह अनियमितता सामने आई तो बैंक खातों से हुई निकासी का लेखा-जोखा किया गया और वसूली नोटिस भेजे गए। जिन परिवारों/नॉमिनियों ने रकम वापस की, उन्हें राहत मिली; बाकी के लिए रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी कर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है — गिरफ्तारियों व संपत्ति नीलामी तक के रुप में। 🚨
जिलेवार स्थिति — आंकड़े (30 सितंबर 2025 तक) 📊
| जिला | अतिरिक्त राशि पहुँची (₹) | वसूली (₹) | बकाया (₹) |
|---|---|---|---|
| आगरा | 95.21 लाख | 83.65 लाख | 11.55 लाख |
| मैनपुरी | 82.20 लाख | 67.76 लाख | 14.44 लाख |
| मथुरा | 70.24 लाख | 66.51 लाख | 3.72 लाख |
| फिरोजाबाद | 29.37 लाख | 24.16 लाख | 5.21 लाख |
| कुल | ₹2.77 करोड़ | ₹2.42 करोड़ | ₹34.93 लाख |
(नोट: वसूली के आंकड़े 30 सितंबर 2025 तक के हैं)
कोषागार की कार्रवाई — बैंक, नॉमिनी व परिजनों को नोटिस ✉️
मुख्य कोषाधिकारी रीता सचान ने बताया कि जिन खातों से राशि निकाली गई, उनपर रिकवरी के लिए आरसी नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
बैंक प्रबंधकों को भी जिम्मेदार ठहराकर नोटिस भेजे जा रहे हैं — खासकर जहाँ पेंशन सीधे बैंक खाते में जाती थी और मृत्यु की सूचना कोषागार को नहीं दी गई।
बकाया न चुकाने पर गिरफ्तारी और संपत्ति नीलामी तक की चेतावनी दी जा रही है ताकि सरकारी धनराशि की वसूली सुनिश्चित हो सके। 🔐
क्यों हुआ यह गड़बड़झाला — प्रणालीगत कारण 🧾
कोषागार प्रणाली सालाना एक बार पेंशनर्स को ‘जीवित प्रमाण’ (सत्यापन प्रमाणपत्र) देने का निर्देश देती है — इसके आधार पर ही पेंशन जारी रहती है।
मगर कई मामलों में परिजनों ने मृत्यु की सूचना छिपा ली या समय पर न दी गई, इसलिए भुगतान स्वतः ही जारी रहा। इसके अलावा प्रवाह-तंत्र में बैंक व नॉमिनी के सहयोग की भी कमी पाई गई। ⚠️
परिणाम और लोकप्रभाव — परिवारों की टेंशन और माफी का दौर 🙇♂️
जब वसूली नोटिस पहुंचे तो पेंशन खर्च करने वाले परिजन तनाव में आ गए; कई ने माफी माँगी और भाग-भाग कर रकम वापस जमा की। जो खाते अब भी बकाया हैं, उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के अगले चरण पर जारी हैं।
कोषागार ने स्पष्ट किया है कि नीति कड़ी है — और भविष्य में ऐसी लापरवाही रोकने के लिए बैंक-कोषागार समन्वय और जीवन-प्रमाणन की प्रक्रिया और कड़ाई से लागू की जाएगी। 🛡️
क्या करें यदि आप प्रभावित हैं — सलाह 📝
- यदि आपके परिवार में हाल ही में किसी पेंशनभोगी की मृत्यु हुई है तो तुरंत कोषागार/पेंशन शाखा को लिखित सूचना दें।
- बैंक खाते व नॉमिनी विवरण पर नजर रखें — यदि गलत निकासी हुई हो तो बैंक से प्रमाण लें।
- वसूली नोटिस मिलने पर कोषागार से संपर्क कर स्थिति स्पष्ट करें; तत्काल सहयोग होने पर कटौती/समझौता संभव हो सकता है।
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