CJI बी.आर. गवई ने सिफारिश की — जस्टिस सूर्यकांत होंगे भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश ⚖️
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (CJI) बी. आर. गवई ने सोमवार को वरिष्ठतम न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को अपना उत्तराधिकारी बनाने की सिफारिश केंद्र को भेजी — जिससे वे 53वें CJI बनेंगे। 0
कब होगा बदलाव — महत्वपूर्ण तिथियाँ 📅
वर्तमान CJI जस्टिस गवई 23 नवम्बर 2025 को सेवानिवृत्त होंगे। उनके सेवानिवृत्त होते ही जस्टिस सूर्यकांत 24 नवम्बर, 2025 को शपथ ग्रहण कर 53वें CJI के रूप में पद संभालेंगे — और उनका कार्यकाल 9 फरवरी, 2027 तक रहेगा। 1
सिफारिश कैसे हुई — औपचारिक प्रक्रिया
न्यायिक परंपरा के अनुसार वरिष्ठता का आधार अपनाते हुए CJI ने औपचारिक रूप से अपने उत्तराधिकारी का नाम केंद्र को पत्र के माध्यम से सूचित किया। बताया जा रहा है कि CJI गवई ने जस्टिस सूर्यकांत को स्वयं सिफारिश-पत्र सौंपा। अब केंद्र की अधिसूचना के बाद नियुक्ति औपचारिक रूप से अंतिम मानी जाएगी। 2
जस्टिस सूर्यकांत — पृष्ठभूमि और उपलब्धियाँ 🧾
जस्टिस सूर्यकांत 24 मई, 2019 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बने थे। उनके करियर और दिए गए कई मुकदमों में दिए गए निर्णयों को न्यायिक जगत में देखा जाता रहा है — और अब वे सर्वोच्च न्यायपालिका की बागडोर संभालने जा रहे हैं। 3
विशेष तौर पर यह भी उल्लेखनीय है कि वे हरियाणा के पहले ऐसे जज होंगे जो भारत के मुख्य न्यायाधीश बनेंगे — यह उनके और राज्य दोनों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। 4
प्रतिक्रियाएँ और निहितार्थ 🗣️
सिफारिश का मतलब मौजूदा नियुक्ति प्रक्रिया के अनुरूप वरिष्ठता-पद्धति का पालन है — केंद्र द्वारा अधिसूचना के बाद जस्टिस सूर्यकांत का शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। न्यायिक और राजनीतिक सर्कल्स में इस बदलाव पर ध्यान दिया जा रहा है क्योंकि अगले सालों में शीर्ष न्यायालय की बनावट और निर्णयों पर इसका असर दिख सकता है। 5
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