यूपी समेत 12 राज्यों में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण 4 नवंबर से शुरू 🗳️📋
नई दिल्ली: देशभर में मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम — मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश समेत 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) आगामी 4 नवंबर से आरंभ होगा। 🌐🇮🇳
51 करोड़ मतदाता होंगे शामिल — आधी रात से फ्रीज हुई मतदाता सूची 🌙
इस विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया में कुल 51 करोड़ मतदाता शामिल होंगे। इन 12 राज्यों की मौजूदा मतदाता सूचियों को सोमवार रात 12 बजे से फ्रीज कर दिया गया है।
सीईसी के अनुसार, यह प्रक्रिया नवंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच पूरी की जाएगी।
जिन राज्यों में यह SIR लागू होगा, वे हैं —
उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह। 📍
पहला चरण बिहार में पूरा — अब देशव्यापी विस्तार 📈
एसआईआर का पहला चरण बिहार में सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। वहां लगभग 7.42 करोड़ मतदाताओं की अंतिम सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की गई थी, जिसमें किसी भी अपील की आवश्यकता नहीं पड़ी।
अब आयोग ने यह प्रक्रिया दूसरे चरण के तहत शेष 12 राज्यों में शुरू करने का निर्णय लिया है।
इसका उद्देश्य है — मतदाता सूचियों को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिहीन बनाना। ✅
मुख्य चुनाव आयुक्त ने दी प्रमुख तिथियाँ 📅
- 28 अक्टूबर – 3 नवंबर: प्रशिक्षण और प्रपत्र मुद्रण
- 4 नवंबर – 4 दिसंबर: नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया
- 9 दिसंबर: मसौदा मतदाता सूची जारी होगी
- 31 जनवरी: दावे और आपत्तियाँ दाखिल करने की अंतिम तिथि
- 7 फरवरी: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 📄
गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया — कैसे होगा काम 🧐
राज्यों में पिछले एसआईआर की मतदाता सूची को मूल आधार माना जाएगा। उसी सूची के आधार पर नए नाम जोड़े या पुराने हटाए जाएंगे —
ठीक वैसे ही जैसे 2003 में बिहार ने अपनी सूची के साथ किया था।
इस प्रक्रिया में:
- बीएलओ (BLO) प्रत्येक घर जाकर विशेष गणना प्रपत्र देंगे,
- इन प्रपत्रों में मतदाता सूची के आवश्यक विवरण पहले से होंगे,
- मतदाता स्वयं भी voters.eci.gov.in पर जाकर अपने नाम का मिलान कर सकेंगे। 🔍
यदि किसी मतदाता का नाम 2003 की सूची या उसके माता-पिता की सूची में है, तो उन्हें कोई अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करना होगा।
आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि कोई योग्य मतदाता छूट न जाए और कोई अयोग्य नाम सूची में शामिल न हो। 🙌
मतदाता सूची सुधार का उद्देश्य — पारदर्शिता और सटीकता 🔒
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने बताया कि आयोग को प्रवासन, मृत्यु के बाद नाम न हटाना, एक से अधिक जगह पंजीकरण और विदेशी नागरिकों के नाम सूची में शामिल होने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
इन्हीं कारणों से आयोग ने राष्ट्रव्यापी विशेष गहन पुनरीक्षण को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है।
यह आज़ादी के बाद देश में नौवीं बार एसआईआर प्रक्रिया होगी। 🇮🇳
राज्यों के साथ समन्वय — कोई टकराव नहीं 🤝
पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जताई गई आपत्तियों पर प्रतिक्रिया देते हुए सीईसी कुमार ने कहा कि आयोग और राज्य सरकार के बीच कोई टकराव नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग संवैधानिक कर्तव्यों का पालन कर रहा है, और राज्य सरकार भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेगी।
सभी राज्यों से सहयोग की अपील की गई है ताकि मतदाता सूची पूरी तरह सटीक और पारदर्शी बन सके। 🌏
चुनौती — पंचायत चुनाव समय से कराना 🕐
आयोग के अनुसार, सबसे बड़ी चुनौती पंचायत चुनाव को निर्धारित समय पर आयोजित करना है।
इसके लिए मतदाता सूचियों का अद्यतन और सत्यापन समयसीमा में पूरा होना अत्यावश्यक है।
सीईसी ने कहा कि “आयोग इस बार तकनीकी और प्रशासनिक समन्वय दोनों स्तरों पर सटीकता सुनिश्चित करेगा।” ⚙️
