⚠️ फतेहपुर के बीईओ श्रवण पाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज — आलीशान फार्महाउस और बेनामी संपत्तियों से खुला बड़ा राज!
⚠️ फतेहपुर के बीईओ श्रवण पाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज — आलीशान फार्महाउस और बेनामी संपत्तियों से खुला बड़ा राज!
लखनऊ/फतेहपुर। जनपद फतेहपुर के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) अमौली श्रवण कुमार पाल के खिलाफ लोकायुक्त उत्तर प्रदेश ने आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है।
बताया जा रहा है कि श्रवण पाल ने अपने कार्यकाल के दौरान अकूत संपत्ति अर्जित की, जिसमें कई बेनामी संपत्तियाँ, लग्जरी गाड़ियाँ और आलीशान फार्महाउस शामिल हैं। 💰🏠
📍 ऐरायां से अमौली तक — विवादों से घिरे बीईओ
जानकारी के अनुसार, श्रवण पाल अमौली ब्लॉक में तैनाती से पहले ऐरायां ब्लॉक में भी करीब ढाई वर्ष तक बीईओ रहे।
दोनों स्थानों पर उनके कार्यकाल को लेकर लगातार विवाद और भ्रष्टाचार की चर्चाएँ होती रहीं।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, वह बेसिक शिक्षा विभाग के इतिहास में सबसे विवादित और भ्रष्ट अधिकारियों में गिने जाते हैं। ⚖️
बताया जाता है कि उन्होंने अपने कुछ ही वर्षों के सेवा काल में विभागीय अनुदानों और फर्जी बिलों के जरिए काली कमाई कर अपने और अपने करीबियों के नाम पर संपत्ति बनाई।
🏡 नरवल के आलीशान फार्महाउस और बेशुमार जमीनें
एसजीआरडी अध्यक्ष द्वारा लोकायुक्त को सौंपे गए दस्तावेजों में श्रवण पाल की अकूत संपत्ति का पूरा ब्यौरा है।
इसमें कानपुर नगर के नरवल तहसील स्थित मौजा विरहर में गाटा संख्या 1022, 1021, 1026, 459, 383 समेत कई दर्जन भूखंडों के दस्तावेज शामिल हैं।
इसके साथ ही पुष्प रतन नामक आलीशान फार्महाउस और कानपुर शहर में स्थित कई मकान और फ्लैटों की जानकारी भी सामने आई है। 🏘️
दस्तावेज़ों में यह भी स्पष्ट हुआ है कि इन संपत्तियों का बड़ा हिस्सा श्रवण पाल ने अपने रिश्तेदारों, परिवारजनों और मित्रों के नाम से खरीदा है ताकि वह जांच से बच सकें।
🚨 जांच एजेंसी की कार्रवाई और लोकायुक्त की रिपोर्ट
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लोकायुक्त प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रवण पाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर लिया है।
जांच में पाया गया कि बीईओ ने कुछ वर्षों के भीतर जितनी संपत्ति अर्जित की है, वह उनकी सरकारी आय से कई गुना अधिक है। 📑
विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले में अब आगे काली कमाई से अर्जित संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई तय मानी जा रही है।
जांच एजेंसी अब उनकी बैंक अकाउंट, जमीनों के दस्तावेज़ और वाहनों की डिटेल्स खंगाल रही है। 🚔
🕵️♂️ लोकायुक्त को सौंपे गए अहम साक्ष्य
- 📄 नरवल और कानपुर शहर में दर्जनों भूखंडों के रजिस्ट्री दस्तावेज़।
- 🏠 पुष्प रतन नामक आलीशान फार्महाउस की रजिस्ट्री व बिल्डिंग अनुमति पत्र।
- 🚗 कई लग्जरी गाड़ियों (SUV, सेडान) की खरीदारी से जुड़े बिल और चालान।
- 🏦 रिश्तेदारों और दोस्तों के बैंक खातों में हुए संदिग्ध लेन-देन के प्रमाण।
- 📜 विभागीय ग्रांट से जुड़े अनियमित भुगतान के दस्तावेज़ और चेक कॉपी।
⚖️ कानूनी जानकारों की राय
कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं तो श्रवण पाल पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई होगी।
साथ ही उनकी बेनामी संपत्तियों को जब्त करने और सरकारी सेवा से निलंबन की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।
एक छोटे अधिकारी द्वारा इतनी विशाल संपत्ति अर्जित करना प्रशासनिक प्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। 🧾
📣 आम चर्चा और आगे की संभावना
स्थानीय शिक्षकों और विभागीय कर्मचारियों के बीच इस मामले की चर्चा जोरों पर है।
वर्षों से यह चर्चा थी कि बीईओ ने विभागीय फंड्स का दुरुपयोग कर संपत्ति जुटाई है, और अब लोकायुक्त की कार्रवाई ने इसे पुष्टि की दिशा दे दी है।
माना जा रहा है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, कई और परतें खुल सकती हैं और अन्य संबंधित अधिकारी भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। 🔍
