🏫 स्कूलों में स्वच्छता पर अब पुरस्कार! — नौ बिंदुओं पर होगी सफाई की रैंकिंग
राज्य सरकार ने अब विद्यालयों में साफ-सफाई की व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। शासन स्तर पर यह घोषणा की गई है कि जिले के परिषदीय और मान्यता प्राप्त स्कूलों में स्वच्छता रैंकिंग तय की जाएगी और सबसे बेहतर स्कूल को शासन स्तर से पुरस्कृत किया जाएगा।
जिले में कुल 4900 स्कूल (परिषदीय और मान्यता प्राप्त) इस प्रतियोगिता में शामिल किए गए हैं। स्कूलों ने इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया है।
🧹 कैसे तय होगी स्वच्छता की रैंकिंग
स्वच्छता की स्थिति का मूल्यांकन तीन स्तरों पर किया जाएगा —
- जिला स्तर पर अफसरों की टीम निरीक्षण करेगी।
- राज्य स्तर पर अधिकारी चयनित स्कूलों का सत्यापन करेंगे।
- केंद्रीय स्तर पर अंतिम जांच होगी, जिसके बाद पुरस्कृत स्कूल का चयन किया जाएगा।
✅ नौ बिंदुओं पर होगी स्वच्छता की जांच
प्रत्येक स्कूल को इन नौ बिंदुओं पर अंक दिए जाएंगे 👇
- 💧 जल संचयन और संरक्षण — वर्षा जल संचयन, पानी का पुनः उपयोग।
- 🚰 जल की उपलब्धता और गुणवत्ता — पर्याप्त पीने का शुद्ध पानी।
- 🚻 शौचालय की क्रियाशीलता — बालक-बालिका हेतु अलग शौचालय।
- ♿ दिव्यांग अनुकूल संरचना — रैंप, व्हीलचेयर व विशेष शौचालय की व्यवस्था।
- 🧼 हाथ धोने की व्यवस्था — साबुन और स्वच्छ जल की उपलब्धता।
- 🗑️ कूड़ा निस्तारण व ठोस अपशिष्ट प्रबंधन — डस्टबिन, कंपोस्ट पिट आदि।
- 🪑 परिसंपत्तियों का रखरखाव — फर्नीचर, दीवार, मैदान, खेल सामग्री की सफाई।
- 🌿 ईको रखरखाव और हरित पहल — वृक्षारोपण, बगीचा, पॉलीथीन मुक्त परिसर।
- 🌎 विद्यालय क्लब और गतिविधियां — ईको क्लब व पर्यावरण हितैषी कार्य।
🎖️ पुरस्कार और उद्देश्य
बीएसए भूपेंद्र सिंह के अनुसार,
“सभी बीईओ के माध्यम से स्कूलों का स्व-मूल्यांकन कराया गया है और पोर्टल पर नामांकन पूर्ण हो चुका है। अब रैंकिंग के बाद श्रेष्ठ स्कूलों को शासन स्तर से सम्मानित किया जाएगा।”
इस पहल का उद्देश्य न केवल विद्यालयों को स्वच्छ बनाना है, बल्कि बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाना है।
