📚 अब बच्चों की कोचिंग का खर्च खत्म! — पीएम ई-विद्या और CBSE की नई शिक्षा क्रांति से बदलेगा देश का स्कूल सिस्टम
✍️ By: सरकारी कलम टीम | www.sarkarikalam.com
🎯 अब कोचिंग नहीं, घर ही बनेगा बच्चों का क्लासरूम
अगर आपका बच्चा स्कूल में पढ़ रहा है और आप हर महीने उसकी कोचिंग या ट्यूशन पर हजारों रुपये खर्च कर रहे हैं, तो अब राहत की खबर है!
केंद्र सरकार ने बच्चों को कोचिंग पर निर्भरता से मुक्त कराने के लिए “PM e-VIDYA” (पीएम ई-विद्या) जैसी ऐतिहासिक पहल की है।
इस योजना के तहत बालवाटिका (प्री-प्राइमरी) से लेकर कक्षा 12वीं तक के बच्चों को अब घर बैठे ही सभी विषयों की डिजिटल और इंटरैक्टिव शिक्षा उपलब्ध होगी — वो भी पूरी तरह निशुल्क (Free)। 🎉
📺 200 टीवी चैनलों और मोबाइल ऐप से होगी पढ़ाई
पीएम ई-विद्या के तहत देशभर में 200 समर्पित टीवी चैनल लॉन्च किए गए हैं।
- इनमें से 16 चैनल NCERT द्वारा संचालित होंगे।
- हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को 5-5 चैनल दिए गए हैं।
- मणिपुर को विशेष परिस्थिति में 10 चैनल दिए गए हैं।
ये चैनल 24 घंटे शिक्षा प्रसारित करेंगे, जिससे किसी भी समय बच्चे अपनी कक्षा के अनुसार पढ़ाई कर सकेंगे।
📱 मोबाइल ऐप से मिलेगा इंटरएक्टिव लर्निंग अनुभव
👉 पीएम ई-विद्या का मोबाइल ऐप Android और iOS दोनों पर उपलब्ध है।
👉 बच्चे वीडियो लेक्चर, क्विज़, असाइनमेंट और चैट के ज़रिए अपने सवालों के जवाब पा सकेंगे।
👉 NCERT की टीम इस पूरी सामग्री की मॉनिटरिंग करेगी ताकि गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
🔗 डाउनलोड लिंक: PM e-VIDYA App (Google Play)
🧠 CBSE का बड़ा फैसला — अब स्कूलों में ही JEE, NEET और CUET की तैयारी
कोचिंग माफिया पर लगाम लगाने की दिशा में CBSE (सीबीएसई) ने भी बड़ा कदम उठाया है।
बोर्ड अब चाहता है कि छात्र JEE, NEET और CUET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बाहरी कोचिंग संस्थानों पर निर्भर न रहें।
इसलिए, सीबीएसई ने योजना बनाई है कि देशभर के अपने संबद्ध स्कूलों में ही “Centre for Advanced Studies” स्थापित किए जाएं।
इन सेंटर्स में छात्रों को स्कूल की नियमित पढ़ाई के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग दी जाएगी — जिससे बच्चों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
🏫 शिक्षा में बड़ा बदलाव — सरकार का लक्ष्य: “समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा”
पीएम ई-विद्या और CBSE की यह संयुक्त पहल भारत के शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव साबित हो सकती है।
- ग्रामीण इलाकों के बच्चे भी अब शहरों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाएंगे।
- अभिभावकों का कोचिंग खर्च बचेगा।
- और सबसे अहम — शिक्षा अब हर घर तक, हर बच्चे तक पहुंचेगी।
🗣️ ‘सरकारी कलम’ की राय
👉 “सरकार का यह कदम न सिर्फ कोचिंग संस्कृति पर अंकुश लगाएगा बल्कि शिक्षा को समान और सुलभ बनाएगा। अब हर बच्चा, चाहे वह शहर में हो या गाँव में — अपने सपनों को पूरा करने का मौका पाएगा।” 🇮🇳
