पाकिस्तानी नागरिकता छिपाकर शिक्षक बनीं शुमायला खान को हाईकोर्ट से बड़ी राहत 🏛️
📍 प्रयागराज।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका शुमायला खान की गिरफ्तारी पर फिलहाल अंतरिम रोक लगा दी है। उन पर आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तानी नागरिकता छिपाकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शिक्षक की नौकरी हासिल की थी।
मामला क्या है?
👉 खंड शिक्षा अधिकारी भानु शंकर ने 17 जनवरी को फतेहगंज पश्चिमी थाने, जनपद बरेली में मुकदमा दर्ज कराया था।
👉 आरोप है कि शुमायला खान ने फर्जी निवास प्रमाणपत्र के आधार पर 6 नवंबर 2015 से बरेली के फतेहगंज ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय माधोपुर में नौकरी की।
👉 जांच के दौरान यह सामने आया कि उनके माता-पिता पाकिस्तान (लाहौर) के नागरिक हैं।
👉 इस आधार पर एसडीएम रामपुर ने उनका मूल निवास निरस्त कर दिया और शिक्षा विभाग ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया।
कोर्ट की टिप्पणी
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अब्दुल शाहिद की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि—
👉 इस मामले का मुख्य मुद्दा शुमायला खान की नागरिकता से संबंधित है।
👉 इसलिए अगली सुनवाई (7 अक्तूबर) तक याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी पर रोक रहेगी।
याचिका में क्या मांग की गई?
शुमायला खान ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दर्ज मुकदमे को रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी।
✅ संक्षेप में:
- शुमायला खान पर पाकिस्तानी नागरिकता छिपाकर नौकरी करने का आरोप।
- 2015 से बरेली में प्राथमिक विद्यालय में पढ़ा रही थीं।
- जांच में पाकिस्तानी मूल के दस्तावेज सामने आने पर नौकरी से बर्खास्त।
- हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर 7 अक्तूबर तक अंतरिम रोक लगाई।
